बलरामपुर। राप्ती नदी के बाढ़ का पानी खतरे के निशान से अभी भी 41 सेंटीमीटर ऊपर है। तटवर्ती 150 गांवों में राप्ती नदी के बाढ़ के कहर से लोग जूझ रहे है। राहत सामग्री वितरण व सड़क पर बाढ़ का पानी भरा होने को लेकर लोगों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया। प्रशासन की तरफ से बाढ़ प्रभावित इलाकों में नांव का इंतजाम कराने के साथ अफसरों की टीमें भी भ्रमण कर जायजा ले रही हैं।
बीते कई दिनों से पहाड़ों व मैदानी इलाकों में भारी बारिश होने के चलते राप्ती नदी व पहाड़ी नालों में उफान आने से लोगों को भारी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। मंगलवार शाम चार बजे तक राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान 104.62 मीटर की तुलना में 105.03 मीटर रिकार्ड किया गया जो 41 सेंटीमीटर लाल निशान से ऊपर है।
ललिया हरिहरगंज मार्ग पर लौकहवा डिप के पास सड़क जाम कर राहगीरों ने प्रदर्शन किया। अधिवक्ता राकेश मणि तिवारी, बदलूराम यादव, मनोज वर्मा, दुर्गा प्रसाद यादव, राम गोपाल तिवारी, प्रवीण कुमार वर्मा, अरुण कुमार चौहान, शिव कुमार गुप्ता, दीप नरायन साहू, राम लौटन, नीतेश मणि तिवारी, नरेंद्र कुमार व शिव कुमार आदि ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि ललिया हरिहरगंज मार्ग का निर्माण न होने और हेंगहा पहाड़ी नाले के बाढ़ से डिप पर पानी भरा होने से क्षेत्र के सवा चार लाख लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यह सड़क तुलसीपुर, हरैया सतघरवा व श्रावस्ती जिले के सिरसिया ब्लॉक सहित सैकड़ों गांवों को जोड़ती है। सड़क निर्माण न होने से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। यदि सड़क का उच्चीकरण व मरम्मत शीघ्र नहीं कराया गया तो विधानसभा चुनाव में क्षेत्र के लोग मतदान का बहिष्कार करेंगे।
गैसड़ी ब्लॉक के मनकी गांव में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरण में पक्षपात करने का आरोप लगाया गया है। घनश्याम विश्वकर्मा, राम अवतार प्रजापति, बरसाती, रक्षाराम, मुन्नालाल, चंद्रिका, गीता, रमेश, नानबाबू, मुनीर व इजराइल आदि ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि गांव के लोग बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहे है। शासन-प्रशासन स्तर से पीड़ितों को कोई मदद नहीं दी जा रही है।
पीड़ितों को राहत सामग्री वितरण में हल्का लेखपाल व ग्राम प्रधान मनमानी कर रहे है। इन लोगों ने डीएम से राहत सामग्री वितरण की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है। राप्ती नदी के बाढ़ से सदर, उतरौला व तुलसीपुर तहसील के करीब 150 गांव प्रभावित है।
पहाड़ी नालों में बाढ़ आने के चलते सदर व तुलसीपुर तहसील के 150 गांव के लोगों को भारी दुश्वारियों को सामना करना पड़ रहा है। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि बाढ़ को लेकर प्रशासन की तरफ से हर संभव मदद कराई जा रही है।
उतरौला एसडीएम डॉ. नागेंद्र नाथ यादव ने तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का भ्रमण कर पीड़ितों को राहत सामग्री आदि मुहैया कराई है। सदर एसडीएम अरुण कुमार गौड़ ने भी अपने तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण कर जायजा लिया है।