बलरामपुर रामानुजगंज जिला मुख्यालय से करीब 85 किलोमीटर दूरी पर रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम लिबरा से करीब दो किलोमीटर दूरी पर स्थित सुखलदरी को जहां झारखंड राज्य के द्वारा राज्य पर्यटन का दर्जा मिला है, वहीं छत्तीसगढ़ की ओर से पहुंच मार्ग नहीं होने से छत्तीसगढ़ के सैलानियों को झारखंड की ओर से होकर जाना पड़ रहा है। अगर सुखलदरी तक जाने के लिए रास्ता बन जाए तो छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में सैलानी यहां घूमने पहुंचेंगे।
कन्हर नदी के एक ओर छत्तीसगढ़ स्थित है तो दूसरी ओर झारखंड है। सुखलदरी अद्भुत मनोरंजन दृश्य यहां सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है यहां की नैसर्गिक खूबसूरती को देखते हुए झारखंड सरकार के द्वारा इस राज्य पर्यटन का दर्जा देते हुए सैलानियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। यहां पर पिकनिक मनाने के लिए पर्याप्त प्रकृति के मनोरम वादियों में जगह है। वहीं यहां पत्थरों की अद्भुत श्रृंखला है जो देखते बनती है। मकर संक्रांति पर्व पर यहां विशाल मेला भी लगता है। जिसमें दोनों राज्य के लोग पहुंचते हैं।
सफेद झरना सैलानियों को करता है आकर्षित
यहां के वॉटरफॉल में जब कन्हर नदी का पानी झरना के रूप में गिरता है तो वह बिल्कुल सफेद हो जाता है वहीं सफेद झाग भी उत्पन्न होता है जो सैलानियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होता है। इस संबंध में कलेक्टर आर एक्का ने कहा कि मुझे सुखलदरी के बारे में जानकारी नहीं है इसके बारे में जानकारी प्राप्त की जाएगी।