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हर्षोल्लास के साथ मनाया गया नाग पंचमी पर्व

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बलरामपुर के सिटी पैलेस के पास गुड़िया पीटते बच्चे।(संवाद) - फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। नाग पंचमी पर्व जिले में शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर मंदिरों में भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक व नाग देवता की पूजा अर्चना के लिए भक्तों की भीड़ जुटी रही। घरों में भी नाग देवता की पूजा अर्चना कर सुख समृद्घि एवं परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद मांगा गया। बच्चों ने गुड़िया पीटकर खुशियां मनाईं।
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सनातन धर्म में नाम पंचमी पर्व का विशेष महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार आज ही के दिन यमुना नदी में भगवान श्रीकृष्ण ने कालिया नाग पर विजय प्राप्त की थी। एक कथा के अनुसार एक गरीब किसान के दो पुत्र व एक पुत्री सहित कुल तीन बच्चे थे। एक दिन खेत में हल चलाते समय नागिन के तीन बच्चों की मौत हो गई। गुस्से में आकर नागिन ने किसान से बदला लेने का प्रण लिया।
एक रात जब किसान अपने बच्चों के साथ सो रहा था तब नागिन ने किसान, उसकी पत्नी और दो पुत्रों को डस लिया। दूसरे दिन उसकी पुत्री को डसने के लिए नागिन जब उसके घर पहुंची तो लड़की ने नागिन के सामने दूध का कटोरा रखा और हाथ जोड़कर क्षमा मांगी। नागिन ने प्रसन्न होकर उसके मां-बाप व भाई को जीवित कर दिया तथा वरदान दिया कि इस दिन जो लोग नाग नागिन की पूजा करेंगे उन्हें सांप कभी नहीं डसेगा। इसी मान्यता के चलते सावन मास शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी पर्व मनाया जाता है।
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शुक्रवार को मंदिरों में भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक व जलाभिषेक के साथ नाग देवता की पूजा अर्चना विधि विधान के साथ की गई। घरों में महिलाओं ने दूध-लइया रखकर नाग देवता की पूजा अर्चना की और परिवार की खुशहाली व सुख समृद्घि का आशीर्वाद मांगा।
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