बलरामपुर। कोरोना की तीसरी लहर व ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। कोरोना से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए सोमवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय सहित जिले के तीन अस्पतालों में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया।
मॉकड्रिल के दौरान संक्रमित मरीजों को भर्ती करने से लेकर इलाज तक की तैयारियों का पूर्वाभ्यास किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा भी लिया।
संयुक्त निदेशक कार्मिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. राज कुमार, सीएमओ डॉ. सुशील कुमार, एसीएमओ डॉ. एके सिंघल, सीएमएस डॉ. प्रवीण कुमार व क्वालिटी मैनेजर डॉ. रूचि पांडेय की उपस्थिति में सोमवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय में मॉकड्रिल हुआ।
यहां पर बनाए गये कोविड हॉस्पिटल एवं पीकू वार्ड में संक्रमित मरीजों को भर्ती करने, देखभाल करने, ऑक्सीजन पाइप या ऑक्सीजन कंसंट्रेटर लगाने तथा दवा देने का पूर्वाभ्यास किया गया। संयुक्त निदेशक एवं सीएमओ ने अस्पताल परिसर में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट एवं बीएसएल-2 लैब का निरीक्षण करते हुए अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया।
कोरोना से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूर्ण करने का निर्देश सीएमएस को दिया गया। सीएचसी श्रीदत्तगंज में एसीएमओ डॉ. एके चौधरी के नेतृत्व में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया।
अधीक्षक डा. विकल्प मिश्रा ने एसीएमओ को अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी दी। यहां पर भी कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारियों की परख की गई। इसी तरह सीएचसी उतरौला में मॉकड्रिल का पर्यवेक्षण एसीएमओ डॉ. एसके श्रीवास्तव ने किया।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. चंद्र प्रकाश ने एंबुलेंस से संक्रमित मरीज को उतार कर पीकू वार्ड में भर्ती कराने तथा इलाज आदि के संबंध में पूर्वाभ्यास कराया। एसीएमओ ने अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।
सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए अस्पतालों को संसाधनों से लैस किया गया है। शासन के निर्देश पर अस्पतालों में मॉकड्रिल के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं की परख की जा रही है। जल्द ही अन्य अस्पतालों में भी मॉकड्रिल का आयोजन किया जाएगा।