बलरामपुर। शारदीय नवरात्र के आठवें दिन बुधवार को शांति स्वरूपा कल्याणकारी महागौरी की पूजा अर्चना पूरे विधि विधान के साथ की गई। देवी मंदिरों पर उमड़े भक्तों ने महागौरी को पुष्प, अक्षत, चुनरी व नारियल आदि चढ़ाकर मां से अखंड सौभाग्यवती का वरदान मांगा। अष्टमी तिथि पर श्रद्धालुओं ने हवन पूजन के साथ-साथ अपने बच्चों के मुंडन व जनेऊ संस्कार भी कराए।
मां दुर्गा की आठवीं शक्ति महागौरी के नाम से विख्यात है। पौराणिक कथाओं के अनुसार कठिन तप करते हुए मां दुर्गा का शरीर धूल मिट्टी से मलिन हो गया था। भगवान शंकर ने जब गंगाजल से उनका तन धोया तब वह विद्युत के समान गौर हो गई।
इसीलिए देवी को महागौरी भी कहा जाता है। मां गौरी का रंग शंख व चन्द्र के समान अत्यंत उज्जवल है। महागौरी के ध्यान भक्तों के भीतर आस्था, श्रद्धा व विश्वास को जगाकर जीवन में सफलता प्राप्त करने को प्रेरित करता है। बुधवार को जिले देवी मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा।
शक्तिपीठ देवी पाटन मंदिर, बिजलेश्वरी मंदिर, झारखंडी मंदिर, बड़िकी बहिनी थान, काली माता मंदिर, रहिया देवी, बाराही देवी, सम्मय माता व ज्वाला देवी मंदिर में भक्तों ने महागौरी को अक्षत, पुष्प, धूप, नारियल, चुनरी व लौंग आदि चढ़ाकर अखंड सौभाग्य रहने की मंगल कामना की।