बलरामपुर। एफटीसी प्रथम ने हत्या के आरोप में एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने आरोपी को 50 हजार रुपये अर्थदंड भी जमा करने का आदेश दिया है।
यह जानकारी देते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रणधीर सिंह ने बताया कि मो. रज्जाक ने 23 दिसंबर 2016 को थाना ललिया में प्रार्थना पत्र दिया था कि उसकी पुत्री शकीना को उसके पति ने मार डाला है।
पुलिस ने कैफुलवरा पुत्र इस्लाम निवासी ग्राम मथुरा बाजार थाना ललिया के खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरु किया। पुलिस ने विवेचना के बाद पति को हत्या का आरोपी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने पांच गवाहों को न्यायालय पर प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एफटीसी प्रथम तबरेज अहमद ने कैफुलवरा को शकीना की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
न्यायाधीश ने अर्थदंड की 50 हजार रुपये की राशि मृतका के पिता रज्जाक को क्षतिपूर्ति के रूप में दिए जाने का आदेश दिया है।