बलरामपुर। शासन से अनुमति मिलने के बाद घायल अवस्था में पकड़े गए तेंदुए को स्वस्थ होने पर शनिवार को गोरखपुर चिड़ियाघर भेज दिया गया है। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग के जनकपुर रेंज स्थित कवही नाले के पास घायल अवस्था में पकड़ा था। तीन दिन तक चले उपचार के बाद तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ बताया जा रहा है। 24 मई को सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग अंतर्गत जनकपुर रेंज में कवही नाले के पास बसंतपुर गांव के पांच लोगों पर तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया था। तेंदुए के हमले की सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर आसपास पिंजरा और जाल लगाकर तेंदुए की खोजबीन शुरू कर दी थी। वन विभाग की टीम के जाल में तेंदुआ फंस गया। टीम को तेंदुआ घायल अवस्था में मिला था। उसके अगले दाहिने पैर में गंभीर चोट लगी थी, जिसके कारण वह चलने में असमर्थ था। लोगों का कहना था कि गांव के पांच लोगों के घायल होने पर ग्रामीणों ने ही तेंदुए की पिटाई कर घायल कर दिया था। वन विभाग ने मामले में अज्ञात लोगों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
वन विभाग की टीम लेकर गई
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुमित कुमार ने तीन दिनों तक तेंदुए का इलाज किया, जिससे पूरी तरह स्वस्थ हो गया। प्रभागीय वनाधिकारी एम सेम्मारन ने बताया कि शासन से अनुमति के बाद शनिवार की भोर तेंदुए को पिंजरा समेत गाड़ी पर रखकर गोरखपुर चिड़ियाघर भेजा गया है। तेंदुए के साथ क्षेत्रीय वनाधिकारी अमरजीत एवं पशु चिकित्सक अमरजीत के नेतृत्व में टीम भेजी गई है। टीम ने सुबह लगभग आठ बजे तेंदुए को सुरक्षित रूप से गोरखपुर चिड़ियाघर पहुंचा दिया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद रेंजर व पशु चिकित्सक की टीम बलरामपुर वापस आ गई है।