बलरामपुर। छह मासूमों की मौत का जिम्मेदार बना खूंखार तेंदुआ धरपकड़ में जुटी विशेषज्ञों की टीम के हाथ भी नहीं आ रहा। क्षेत्र में सक्रिय कोलकाता व दिल्ली से आई टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए धर्मपुर व बेलवा में जहां जाल बिछाए रही, वही तेंदुआ ऊपर पेड़ पर चढ़ा यह नजारा देखता रहा। इसके बाद वह पेड़ों के सहारे ही जंगल में गुम हो कर निगरानी टीम की आंखों से ओझल हो गया।
तेंदुए की इस चपलता को देख धरपकड़ टीम अब उसे पकड़ने की नई रणनीति बनाने में जुटी है। थर्मल ड्रोन से तेंदुए की लोकेशन बेलवा गांव में मिल रही है, लेकिन उसे पकड़ने की तरकीब काम नहीं आ रही है। दिन में धनगढ़वा गांव में धावा मारने की कोशिश करने वाला तेंदुआ ग्रामीणों के शोर मचाने पर बिना किसी को नुकसान पहुंचाए वापस जंगल में चला गया।
इसकी जानकारी के बाद पहुंची वन विभाग की टीम तेंदुए के पदचिन्हों के आधार पर लगातार उसकी ट्रैकिंग में जुटी है। साथ ही वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की टीम भी सीमावर्ती गांव के लोगों को तेंदुए के हमले से बचने के लिए जागरूक बनाने में जुटी है। डीएफओ एम. सेम्मारन ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए दिल्ली व कोलकाता के साथ ही वन विभाग की स्थानीय टीमें भी लगी हैं। भरोसा जताया कि जल्द ही उत्पात मचाने वाला यह तेंदुआ टीम की पकड़ में आ जाएगा।