फोटो-7-बलरामपुर के कलेक्ट्रेट सभागार में पंडित गोविंद वल्लभ पंत के चित्र पर पुष्प अर्पित करती डीए
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बलरामपुर। प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित गोविंद वल्लभ पंत के जन्मदिन की जिले भर में शुक्रवार को धूम रही। सरकारी दफ्तरों में गोष्ठी करके उनके जीवन वृत्त पर प्रकाश डाला गया और उनके बताए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। जिले के शैक्षणिक संस्थानों में छात्र-छात्राओं की वाद-विवाद प्रतियोगिताएं करा कर पूर्व मुख्यमंत्री की जयंती मनाई गई।
कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम श्रुति ने पंडित गोविंद वल्लभ पंत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। डीएम ने कहा कि पंत जी का स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। असहयोग आंदोलन, साइमन कमीशन के बहिष्कार व नमक सत्याग्रह में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महान देशभक्त, कुशल प्रशासक, सफल वक्ता व लेखनी से सशक्त है। उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते हुए पंत जी ने जमींदारी उन्मूलन और भूमिहीनों को जमीन उपलब्ध कराने जैसी योजनाओं को लागू किया। देश के निर्माण में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। हमारा दायित्व है कि भावी पीढ़ी को हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सिद्घांत से परिचित कराया जाए। उनके बताए गए सिद्धांतों व मार्गों पर चलने के लिए युवाओं को प्रेरित किया जाए।
इस अवसर पर सदर एसडीएम अरुण कुमार गौड़, प्रशिक्षु एसडीएम शिवम सिंह, डॉ. कपिल मदान, आपदा सलाहकार सचिन मदान व बाबूराम पांडेय आदि मौजूद रहे। आजादी के अमृत महोत्सव व चौराचौरी शताब्दी समारोह के श्रृंखला में जिले भर में स्वतंत्रता सेनानी व प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री, पूर्व गृह मंत्री भारत रत्न पंडित गोविंद वल्लभ पंत की जयंती मनाई गई। जिले के शिक्षण संस्थानों में पंत जी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया और उनके व्यक्तित्व व कृतित्व व उनके राष्ट्र के प्रति उनके योगदान से छात्र -छात्राओं को अवगत कराया गया। प्रोजेक्टर के माध्यम से भारत रत्न की जयंती पर लोक भवन लखनऊ के कार्यक्रम का प्रसारण भी दिखाया गया। शिक्षण संस्थाओं में निबंध व वाद-विवाद प्रतियोगिताएं कराई गई।