बलरामपुर। मुख्यमंत्री के आदेश पर शुरू हुआ अतिक्रमण हटाओ अभियान ठंडे बस्ते में चला गया है। तीन दिन तक खानापूर्ति करके प्रशासन अतिक्रमण हटाओ अभियान बंद कर दिया है। एक बार फिर से अतिक्रमणकारी सड़क की पटरियां को कब्जे में ले लिए हैं। दो से तीन फीट की जगह पर 7 फीट का का दुकान संचालित किया जा रहा है। दुकान को गोदाम और सड़क पर दुकान सजाकर अतिक्रमण कर किया जा रहा है। एक बार फिर लोग जाम की समस्या से दो-चार हो रहे हैं।
मालूम हो कि 18, 19 व 20 मई को जिले में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। 18 मई को मुख्य बाजार, 19 मई को मजिद मोड़ से गर्ल्स इंटर कालेज तथा 20 मई को बहराइच रोड पर बुलडोजर से अतिक्रमण हटाया गया। गोंडा व तुलसीपुर रोड पर अतिक्रमण हटाने का अभियान ही नहीं शुरू हुआ। नतीजा यह रहा है इन दोनों मार्गों पर बुलडोजर के डर से खुद अतिक्रमण हटाने वाले लोग पुन: टीनशेड आदि लगाकर अतिक्रमण करने लगे हैं। मुख्य बाजार में हटाए गए अतिक्रमण की जगह दुकानदारों ने पुन: टीनशेड, पन्नी व दुकानें सजाकर अतिक्रमण करना शुरू कर दिया है।
मुख्य बाजार में आलम यह है कि दो से तीन फीट की दुकान सड़क की पटरियों पर अतिक्रमण करके 7 से 8 फीट का दुकान संचालित किया जा रहा है। दुकान को गोदाम बना दिया गया है और सड़क की पटरियों को दुकान। अतिक्रमण किए जाने से एक बार फिर लोग जाम के झाम से जूझने को विवश हैं।
नगरवासी विवेक कुमार, संतोष, राजू, रफीक व पिंटू आदि का कहना है कि प्रशासन के ढुलमुल रवैये से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। सफेदपोशों का संरक्षण होने से कोई ठोस कदम नहीं हटाया जा रहा है। (संवाद)
सख्त कदम उठाने से पीछे हट रहा प्रशासन
अतिक्रमणकारियों के ऊपर सफेदपोशों का संरक्षण होने के कारण प्रशासन भी सख्त कदम उठाने से पीछे हट रहा है। अतिक्रमण हटाने के दौरान ही कई लोग सत्ता दल का नेता तो कोई अधिकारियों का परिचय देकर खुद अतिक्रमण हटाने के लिए दबाव बना रहे थे। प्रशासन के हटते ही लोग अपना वादा भूल गए। अतिक्रमण जस का तस बना हुआ है। बार-बार चेतावनी के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है। जिले के दो तहसीलों में अभियान तो चलाया जा रहा है लेकिन जिला मुख्यालय पर खानापूर्ति करके अभियान बंद कर दिया गया है।
दोबारा अतिक्रमण होने पर होगी कार्रवाई
नगर में अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया गया है। लोगों को दोबारा अतिक्रमण न करने की चेतावनी दी गई है। यदि कोई दोबारा अतिक्रमण करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राजेंद्र बहादुर, एसडीएम सदर