बलरामपुर। कोरोना के बाद अब जिले में संक्रामक रोग ने पैर फैलाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को दो गांव में उल्टी दस्त से जहां तीन लोगों की मौत हुई है वहीं करीब आधा दर्जन लोग बीमार है। सीएमओ ने हरैया सतघरवा ब्लाक के ग्राम फुलवरिया का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया है। सीएमओ का कहना है कि दूषित जल के कारण लोग संक्रामक रोग की चपेट में आ रहे हैं।
तुलसीपुर विकास खंड के ग्राम रामगढ़ मैटहवा में उल्टी दस्त का प्रकोप बढ़ गया है। शुक्रवार को ग्रामवासी छोटेलाल(50) एवं माही(3) की उल्टी दस्त से मौत हो गई। ग्राम प्रधान तुलाराम ने बताया कि गांव की काजल(5), गुंजा(1), सीता(15), जयजयराम(52), सुनील(20) व बाबादीन(55) भी उल्टी दस्त से पीड़ित हैं।
इन लोगों का इलाज सिकटहवा के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में जहां संक्रामक रोग के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है वहीं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह उदासीन है। गांव में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से न तो दवा का वितरण किया गया है और न बीमारी पर नियंत्रण के लिए दवाओं का छिड़काव ही कराया गया है।
सीएचसी तुलसीपुर के अधीक्षक डा. सुमंत सिंह चौहान ने बताया कि रामगढ़ मैटहवा में संक्रामक रोग फैलने की सूचना मिली है। स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी जा रही है। इसी तरह हरैया सतघरवा ब्लाक के फुलवरिया गांव में भी शुक्रवार को उल्टी दस्त से एक बच्चे की मौत हो गई है।
इससे पूर्व भी गांव में एक बच्चे की मौत संक्रामक रोग से हो चुकी है। शुक्रवार को उल्टी दस्त से एक बच्चे के मौत की जानकारी होने पर सीएमओ डा. सुशील कुमार स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ गांव में पहुंचे।
बच्चे के परिजनों ने बताया कि बाबादीन के पुत्र सौरभ(3) को उल्टी दस्त की शिकायत होने पर नजदीक में ही एक डाक्टर को दिखाया गया था। बच्चे को आराम होने पर परिजन उसे वापस घर ले आए। शुक्रवार की सुबह करीब चार बजे बच्चे की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। सीएमओ ने बताया कि गांव की आबादी करीब 1600 है।
यहां शुद्ध पेयजल के नाम पर पांच इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं जिनमें से चार हैंडपंप खराब पड़े हैं। गांव के अधिकांश लोग कुंए का पानी इस्तेमाल करते हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक कुंए के पानी की जांच की तो पानी काफी दूषित मिला।
सीएमओ ने ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि नान्हू पासवान से गांव वालों को कुंए का दूषित पानी इस्तेमाल करने से मना करने की बात कही है। सीएमओ ने मरीजों को दवा का किट उपलब्ध कराया।
सीएमओ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की एक टीम नियमित रूप से गांव की निगरानी करेगी। इस अवसर पर एसीएमओ डा. अनिल कुमार चौधरी, सीएचसी अधीक्षक डा. प्रणव पांडेय एवं जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा आदि मौजूद रहे।