बलरामपुर। पोटाश का प्रयोग कर किसान गन्ने का उत्पादन बढ़ा सकते हैं। जिले के तीनों गन्ना समितियों में तैनात पर्यवेक्षकों को जागरुकता कार्यक्रम चलाने का जिम्मा सौंपा गया है। गन्ना किसान प्रशिक्षण संस्थान रज्जनपुर में बीते दिन इफ्को की तरफ से बलरामपुर, तुलसीपुर व उतरौला समितियों के पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम कराया गया जिसमें 105 गन्ना पर्यवेक्षकों ने प्रतिभाग किया।
पूर्व चेयरमैन गन्ना विकास परिषद आनंद सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कहा कि गन्ने के उत्पादन को बढ़ाने के लिए किसानों को समय-समय पर जानकारियां मुहैया कराई जा रही हैं। जिले में गन्ने की खेती अधिक मात्रा में की जा रही है।
जिले में 60 प्रतिशत किसान गन्ने की खेती पर निर्भर हैं। गन्ने की खेती नकदी होने के चलते किसानों का आकर्षण रहता है। वरिष्ठ गन्ना निरीक्षक बलरामपुर सुनील कुमार सिंह ने पर्यवेक्षकों को सुझाव दिया कि अपने-अपने क्षेत्र के किसानों को गन्ने के बोआई का समय, खेतों के मिट्टी की मृदा शक्ति परीक्षण, सिंचाई, बीज शोधन व खरपतवार नियंत्रण आदि का बेहतर प्रबंधन करने के लिए सुझाव दें जिससे किसान गन्ने का अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें।
पोटाश का प्रयोग करके किसान गन्ने के साथ-साथ तंबाकू व केले की खेती में भी बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। मुख्य क्षेत्र प्रबंधक इफ्को एसके वर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया। सहायक निदेशक गन्ना प्रशिक्षण संस्थान राम नरेश वर्मा ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। सत्य प्रकाश शुक्ल ने गन्ने की खेती में उर्वरकों के प्रयोग पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में तीनों गन्ना समितियों के पर्यवेक्षक व विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।