बलरामपुर। नगर के पॉयनियर पब्लिक स्कूल एंड कॉलेज में सोमवार को स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें उनके जीवनवृत्त पर प्रकाश डाला गया। इस दौरान विद्यालय में प्रतियोगिताएं आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
गोष्ठी का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. एमपी तिवारी ने स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित करके किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का जन्म कोलकाता के एक कुलीन बंगाली परिवार में हुआ था। अपने गुरु रामकृष्ण देव से वह काफी प्रभावित थे। उन्होंने संदेश दिया कि सारे जीवों में स्वयं परमात्मा का ही अस्तित्व है, इसलिए जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए।
कहा कि रामकृष्ण के निधन के बाद विवेकानंद जी ने बड़े पैमाने पर भारतीय उपमहाद्वीप की यात्रा की और देश में तत्कालीन स्थितियों का प्रत्यक्ष ज्ञान प्राप्त किया। स्वामी का वास्तविक नाम नरेंद्र नाथ दत्त था। उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी जो आज भी अपना काम कर रहा है। चार जुलाई 1902 को स्वामी विवेकानंद ने अंतिम सांस ली।
गोष्ठी के बाद विद्यालय में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में शबा फिरदौस, अनय सिंह, अंशिका श्रीवास्तव, माशू श्रीवास्तव, परिधि मिश्रा, फैजा खान, अदिति श्रीवास्तव व फरहत फातिमा ने विवेकानंद की जीवन शैली पर विचार प्रस्तुत किया। छात्र आर्यांश प्रकाश ने स्वामी विवेकानंद का भावपूर्ण अभिनय किया। इस अवसर पर विद्यालय के एक्टीविटी इंचार्ज राघवेंद्र त्रिपाठी, उर्वशी शुक्ला व शिवानी श्रीवास्तव आदि मौजूद रहीं।