बलरामपुर के सिसई घाट पर बढ़ रहा राप्ती नदी का जलस्तर।
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बलरामपुर। तीन दिनों से पहाड़ों व मैदानी इलाकों में हुई भारी बारिश से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। बाढ़ के खतरे को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। सभी को अलर्ट कर दिया गया है। खतरे के निशान से भी अभी भी 72 सेंटीमीटर राप्ती नदी के बाढ़ का पानी नीचे बह रहा है। हालांकि पहाड़ी नालों में बुधवार को स्थिति सामान्य रही है।
जिले में बीते तीन दिनों से भारी बारिश हुई है। लगातार बारिश होने से राप्ती नदी व पहाड़ी नालों में बाढ़ का पानी बढ़ने लगा है। हालांकि बुधवार को पहाड़ी नालों में बाढ़ का उफान नहीं रहा है लेकिन राप्ती नदी तीन से चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। स्किल वर्क असिस्टेंट मेराज ने बताया कि बिजलीपुर गांव के सिसई घाट पर राप्ती नदी का जल स्तर बुधवार की शाम को पांच बजे तक 103.880 तक पहुंच गया है जो खतरे के निशान से 72 सेंटीमीटर नीचे है।
खतरे का निशान 104.620 सेंटीमीटर है। जिस रफ्तार से बाढ़ का पानी बढ़ रहा है उससे लग रहा है कि अगले 24 घंटें में खतरे के निशान तक बाढ़ का पानी पहुंच सकता है। जिला आपदा प्रभारी व एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि राप्ती नदी की बाढ़ पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सभी बाढ़ चौकियों के साथ-साथ राहत टीमों तथा स्वास्थ्य विभाग के लोगों को सतर्क कर दिया गया है।
सभी को अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत सामग्री पहुंचाने के लिए मोटर बोट व नावों को भी तैयार कर लिया गया है। प्रशासन के पास बाढ़ से निपटने के पर्याप्त संसाधन है।