बलरामपुर। मछली के कारोबार से किसानों की आय में भारी बढ़ोतरी होगी। विभागीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य है। पंजीकृत किसानों को मत्स्य विभाग से संचालित योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। मत्स्य विभाग में किसानों के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 13 प्रकार की योजनाएं संचालित हैं। इन योजनाओं के तहत किसानों को कारोबार कराने के लिए 13.96 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सहायक निदेशक मत्स्य डॉ. विनोद कुमार वर्मा ने मछली का कारोबार करने वाले किसानों को सलाह दी है कि गूगल प्ले स्टोर से यूपी फिश फार्मर एप को अपने मोबाइल में डाउनलोड करें। इसके बाद एप पर पंजीकरण करके पूरी जानकारी भर दें ताकि मत्स्य विभाग की योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके। जो मत्स्य पालक पंजीकरण नहीं कर पा रहे हैं, वे अपना मोबाइल नंबर ग्रुप के व्हाट्सएप पर उपलब्ध करा दें जिससे उनका भी पंजीकरण किया जा सके। पंजीकरण कराने के बाद किसानों को अपना यूजर आईडी व पासवर्ड सुरक्षित रखना होगा।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य रमन चौधरी ने किसानों से अपील की है कि पंजीकरण कराने के बाद उन्हें वित्तीय वर्ष 2022-23 में विभाग की कुल 13 योजनाओं के तहत कारोबार करने का मौका मिलेगा। इन सभी योजनाओं के तहत 13 करोड़ 96 लाख 28 हजार रुपये मौजूदा वित्तीय में किसानों के कारोबार पर खर्च किए जाएंगे जिसमें सात करोड़ 29 लाख रुपये लाभार्थियों को मछली के कारोबार में सब्सिडी के रूप में दिए जाएंगे।