बलरामपुर। संयुक्त जिला चिकित्सालय में प्रसूता से धन उगाही के मामले में आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू हो गया है। मामले में महिला सर्जन से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। सिस्टर इंचार्ज, तीन स्टाफ नर्स एवं एक वार्ड आया के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र भी लिखा गया है।
बीते दिनों राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता बंसल ने संयुक्त जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान एक प्रसूता से सात हजार रुपये मांगे जाने तथा तीन हजार रुपये लिए जाने की शिकायत की गई थी।
बचे हुए चार हजार रुपये न मिलने पर प्रसूता के साथ दुर्व्यवहार किए जाने की शिकायत भी परिजनों ने राज्य महिला आयोग सदस्य से की थी। राज्य महिला आयोग की सदस्य ने प्रसूूता को पैसा वापस दिलाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश सीएमएस को दिया था।
सीएमएस डा. प्रवीण कुमार ने बताया कि प्रसूता से पैसा वसूले जाने के मामले में महिला सर्जन डॉ. शक्ति श्रीवास्तव से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सिस्टर इंचार्ज सावित्री जायसवाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को पत्र लिखा गया है।
संविदा स्टाफ नर्स दीपा सिंह, दीपा पांडेय एवं प्रियंका वर्मा को हटाए जाने के लिए निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं सीएमओ को पत्र लिखा गया है। आउटसोर्सिंग के तहत कार्य कर रही वार्ड आया नीलम शर्मा को हटाने के लिए सेवा प्रदाता कंपनी को पत्र भेजा गया है।
राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता बंसल ने संयुक्त जिला चिकित्सालय में व्याप्त भ्रष्टाचार व सीएमएस डॉ. प्रवीण कुमार के कार्य व्यवहार की शिकायत डीएम से की थी। राज्य महिला आयोग की सदस्य की शिकायत पर डीएम ने मामलेे की जांच सीएमओ डॉ. सुशील कुमार को सौपी थी।
सोमवार को सीएमओ ने जांच शुरू करते हुए अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल के सीएमएस, महिला सर्जन व अन्य स्टाफ से पूछताछ की, सभी लोगों का बयान दर्ज किया है। सीएमओ नेे बताया कि वह जल्द ही जांच रिपोर्ट डीएम को सौपेंगे।