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मौसम की बेरुखी से अन्नदाताओं की बढ़ी चिंता

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बलरामपुर। मौसम की बेरुखी से अन्नदाताओं की चिंता बढ़ती जा रही है। तीन दिनों से तेज हवाओं के साथ लगातार हो रही भारी बारिश से धान व गन्ना सहित खरीफ की फसलें तबाह हो रही हैं।
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सड़कों पर कीचड़ व गंदगी का बोलबाला हो गया जिससे लोगों को आवागमन दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भारी बारिश के चलते राप्ती नदी व पहाड़ी नालों में उफान आने की संभावना जताई जा रही है। मौसम वैज्ञानिक ने तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना जताई है।
तीसरे दिन मंगलवार को भी मौसम खराब रहा है। रुक रुककर बारिश होने से अन्नदाताओं को फसलों के बर्बाद होने की चिंता सता रही है। किसानों का कहना है कि धान की कटाई का दौर शुरु हो गया था।
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अचानक मौसम बदलने से खेतों में धान की फसल पड़ी हुई है जो भीगकर खराब हो गई है। खेत में धान की खड़ी फसल को भी नुकसान होने की संभावना है। तेज हवा चलने से धान, गन्ना, अरहर, मक्का व अन्य फसलें गिर जाएंगी। पानी में डूब जाने से फसलें खराब हो जाएंगी।
फसलें खराब होने से काफी नुकसान होगा। कई दिनों तक तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने से राप्ती नदी व पहाड़ी नालों में उफान आने की भी संभावना बढ़ गई है। किसानों ने डीएम से बारिश के चलते नुकसान हुए फसलों का आंकलन कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
जिला कृषि अधिकारी आरपी राना ने किसानों से अपील किया है कि बीमा कंपनियों अथवा कृषि विभाग के जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को तत्काल सूचित कर फसलों के नुकसान का आंकलन कराएं और फसलों के नुकसान मुआवजा लें।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अंकित तिवारी 21 अक्तूबर तक तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से बरिश के पानी से फसलों को सहेजने की सलाह दी है। तीन दिनों की भारी बारिश से नगर व ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें कीचड़ व गंदगी से पट चुकी हैं। तालाब बनी सड़कों से लोगों का आवागमन करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों का हाल बहुत खराब हो चुका है।
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