बलरामपुर के पिपरहवा चौराहे के पास आधा अधूरा पाइप डालकर छोड़ा गया काम।
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बलरामपुर। शासन स्तर से आम जनमानस को सरकारी सुविधाएं देने का चाहे जितना प्रयास किया जाए प्रशासन और ठेकेदार की मनमानी के कारण शासन की मंशा पूरी नहीं हो पाती है।
इसी का ताजा नमूना तुलसीपुर विकास खंड क्षेत्र में करीब एक दर्जन गांव को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कार्य तो शुरू किया गया लेकिन मात्र 3-4 माह बाद ही अधूरा छोड़कर बंद कर दिया गया। ग्रामीणों के पेयजल का सपना केवल सपना बनकर रह गया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर पानी टंकी व पाइन लाइन का कार्य पूरा कराए जाने की मांग की है।
तुलसीपुर विकास खंड के ग्राम पंचायत भंगहा कला, गुलरिहा, भंगही, भचकहिया, नंदमहरा, बनकटी, शिवानगर, टिकुइया सहित करीब एक दर्जन गांवों में ग्रामीण पेयजल योजना के तहत पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पानी की टंकी का निर्माण शुरु कराया गया था।
पानी टंकी से पाइप लाइन के द्वारा ग्राम पंचायतों में पानी पहुंचाना था। ठेकेदार की मनमानी के कारण न तो पानी टंकी का निर्माण कराया गया न ही पाइन लाइन डालने का कार्य ही पूरा हुआ। आधा अधूरा पाइप डालकर करीब आठ माह से काम बंद है। कुछ जगहों पर पाईप बिछाई गई है, जो जगह-जगह टूट चुका है।
दूषित पेयजल के कारण फैलने वाले संक्रामक बीमारी के चलते प्रतिवर्ष सैकड़ों लोग बीमार होते हैं तथा कइयों की जान चली जाती है। दूषित पानी से छुटकारा दिलाने के लिए पानी की टंकी और पाइप लाइन डालने का काम शुरू किया गया है। पानी टंकी व पाइप लाइन का कार्य पूरा हो जाने से क्षेत्र की करीब 20 हजार आबादी को पानी मिलने लगता।