बलरामपुर। नगर के पायनियर स्कूूल एंड कॉलेज तथा वात्सल्य पब्लिक स्कूल में बुधवार को गुरू तेग बहादुर का शहीदी दिवस मनाया गया। गुरू तेग बहादुर की महिमा का बखान करते हुए बच्चों ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। बच्चों ने गुरुवाणी प्रस्तुत करके सभी का मनमोह लिया।
पायनियर पब्लिक स्कूल एंड कॉलेज में प्रबंध निदेशक डॉ. एमपी तिवारी ने गुरू तेग बहादुर के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि गुरू तेग बहादुर सिक्ख धर्म के नवें गुरू थे।
इन्होंने कश्मीरी पंडितों तथा हिंदुओं को बल पूर्वक मुसलमान बनाने का विरोध किया। इस्लाम स्वीकार न करने पर वर्ष 1675 में मुगल शासक औरंगजेब ने उनका सिर कटवा दिया। शहीदी दिवस पर विद्यायल में विभिन्न प्रतियोगिताए भी आयोजित की गई।
कला प्रतियोगिता में शशांक सिंह व रूद्राक्ष शुक्ला, भाषण प्रतियोगिता में गौरी शुक्ला व आयुषी श्रीवास्तव तथा निबंध प्रतियोगिता में मंदिरा शुक्ला ने बाजी मारी। इन लोगों को विद्यालय की तरफ से पुरस्कार भी दिया गया।
कार्यक्रम में निदेशक आकाश तिवारी, कोषाध्यक्ष नीता तिवारी, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, संतोष श्रीवास्तव, अशोक शुक्ला, राघवेंद्र त्रिपाठी व शिखा पांडेय सहित तमाम शिक्षक व कर्मचारी मौजूद रहे। इसी तरह वात्सल्य पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने स्थानीय गुरूद्वारे का भ्रमण किया।
गुरू ग्रंथ साहेब के सामने मत्था टेककर गुरू तेग बहादुर के त्याग व बलिदान को याद किया। गुरुद्वारा प्रबंध समित के सदस्य गजराज सिंह शेरा ने गुरू तेग बहादुर की महिमा का बखान किया।
विद्यालय के छात्रों ने गुुरुवाणी प्रस्तुत कर सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। बच्चों ने गुरू तेग बहादुर के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य डा. आशुतोष शुक्ला, कोआर्डीनेटर दिव्या गिरि, आकांक्षा चौहान, शेफाली, प्रिया तिवारी, सोनाली तिवारी, शिखा सिंह एवं संध्या गुप्ता सहित तमाम लोग मौजूद रहे।