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महज 10.69 फीसदी हो सकी गेहूं खरीद

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बलरामपुर। गेहूं की सरकारी खरीद इस बार पूर्व निर्धारित लक्ष्य के आस पास भी नहीं पहुंच सकी। तीन माह तक चली सरकारी खरीद में तय लक्ष्य 42 हजार एमटी के इतर जिले में महज 10.69 फीसदी गेहूं की खरीद ही हुई और इसमें 89.31 फीसदी की कमी रही। खरीद का लक्ष्य पाने के लिए बढ़ायी गयी 15 दिन की मियाद भी 30 जून को खत्म हो गयी। इस दौरान मात्र 28 किसानों ने ही निर्धारित खरीद केंद्रों पर पहुंचकर अपना गेहूं बेंचा। आढ़तियों की ओर से महंगे दामों में गेहूं खरीदने से खरीद कार्य से जुड़ी सरकारी समितियां इस बार पूरी तरह से फेल साबित हुई।
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मूल्य समर्थन योजना के तहत 2015 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदने की शुरुआत एक अप्रैल से हुई थी। इसके लिए चिह्नित तीन क्रय एजेंसियों को 15 जून तक 55 क्रय केंद्रों पर 42 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी। लक्ष्य के करीब भी न पहुंचने पर शासन ने क्रय एजेंसियों के लिए खरीद की मियाद को 30 जून तक बढ़ा दिया था। 30 जून को खत्म हुई सरकारी खरीद के दौरान जिले में सिर्फ 915 किसानों से ही 4079.88 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो सकीं, जो लक्ष्य का सिर्फ 10.69 फीसदी ही रही। इसमें से 892 किसानों को अब तक 8.22 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। बाकी बचे 23 किसानों का 22.40 लाख रुपये का भुगतान अभी लंबित है। इस दौरान खाद्य विभाग ने 13 क्रय केंद्रों पर 12 हजार के सापेक्ष 7.32 फीसदी, पीसीएफ ने 23 क्रय केंद्रों पर 16 हजार के सापेक्ष 11.15 फीसदी और यूपीएसएस ने 19 केंद्रों पर 14 हजार के सापेक्ष मात्र 10.12 फीसदी की ही गेहूं खरीद हो पायी।
शीघ्र होगा बचे किसानों को लंबित भुगतान
जिले में एक अप्रैल से 30 जून तक 915 किसानों से गेहूं खरीदा गया है। इनमें से अब तक 892 किसानों को गेहूं खरीद का भुगतान कर दिया गया है। बाकी बचे 23 किसानों को भी खरीदे गए गेहूं का लंबित भुगतान शीघ्र होगा। नरेंद्र कुमार तिवारी, डिप्टी आरएमओ
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