बलरामपुर। स्थानीय थाना क्षेत्र के बल्दीडीह निवासी भारतीय जनता पार्टी के सेक्टर संयोजक कृष्ण प्रकाश शुक्ला उर्फ पप्पू की रंजिश के चलते ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई। परिजनों का आरोप है कि मृतक को गोली भी मारी गई है।
हत्या से नाराज परिजनों तथा समर्थकों ने सड़क पर शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया है। मौके पर भारी फोर्स तैनात की गई है। पुलिस ने मृतक की पत्नी की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। अधिकारियों के समझाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
ग्राम बल्दीडीह निवासी ममता शुक्ला ने बताया कि उनके पति भाजपा के सेक्टर संयोजक कृष्ण प्रकाश शुक्ला उर्फ पप्पू सोमवार सुबह भड़सहिया बाजार से वापस गांव लौट रहे थे। कुसमहवा तथा भड़सहिया बाजार के बीच महंत भट्ठे के पास उन्हें ट्रैक्टर से टक्कर मारी गई। पप्पू जान बचाने के लिए धान के खेत में भागे तो चालक ने खेत में उन्हें कुचलकर मार डाला।
घटना के बाद आरोपी मौके पर ट्रैक्टर व बाइक छोड़कर फरार हो गए हैं। राजेश ने बताया कि मृतक गांव के प्रधान प्रतिनिधि हैं। उन्होंने पिछड़े वर्ग की महिला को चुनाव लड़ाकर जिताया था। घटना से आक्रोशित परिजनों तथा समर्थकों ने भड़सहिया बाजार में सड़क पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया।
लोगों का कहना है कि मृतक के ऊपर इससे पूर्व भी जानलेवा हमला हुआ था। इस हमले के आरोपी इस समय जेल से बाहर हैं। परिजनों का यह भी आरोप है कि कुचलने से पहले मृतक को गोली भी मारी गई है।
मौके पर पहुंचे एएसपी अरविंद मिश्रा, सीओ प्रभात कुमार, प्रभारी निरीक्षक जयदीप दूबे तथा कई अन्य थानों की फोर्स लोगों को समझाने बुझाने में जुटे थे। परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी तथा मौके पर डीएम व एसपी को बुलाए जाने की मांग पर अड़े हुए थे।
देर शाम ममता शुक्ला की तहरीर पर पुलिस ने राकेश उर्फ राजेश कुमार यादव महंत, उमाकांत, राहुल, सतीश तथा जितेंद्र पांडेय के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया। अधिकारियों के समझाने पर परिजन तथा समर्थक मान गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज है। एसपी हेमंत कुटियाल ने बताया कि मृतक की पत्नी की तहरीर में दर्शाए गए उपरोक्त पांचों लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
केपी शुक्ला उर्फ पप्पू को पुरानी रंजिश के चलते करीब 9 माह पूर्व गोली मारी गई थी। इस हमले में वह बच गए थे। पप्पू की तहरीर पर पुलिस ने जितेंद्र पांडेय के खिलाफ जानलेवा हमले का केस दर्ज कर जेल भेजा था।
आरोपी इस समय जमानत कर जेल से बाहर हैं। घटना को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। मृतक के परिजन लगातार आरोप लगा रहे हैं कि यदि स्थानीय पुलिस ने मृतक की शिकायतों को गंभीरता से लेकर कार्रवाई की होती तो शायद आज यह घटना नहीं होती।
वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव से ही मृतक की गांव में चुनावी रंजिश चल रही थी। 2015 का चुनाव मृतक प्रतिद्वंदी राजेश कुमार यादव महंत से हार गया था। इस बार कृष्ण प्रकाश शुक्ला ने पिछड़े वर्ग की महिला को चुनाव लड़ाया और उसे जीत दिला दी।
इस बात को लेकर विरोधी से उसकी रंजिश चल रही थी। घटना भी विरोधी के भट्ठे के पास ही हुई है। परिजन मामले में विरोधी तथा जानलेवा हमले के पूर्व आरोपी सहित पांच लोगों पर हत्या करने का आरोप लगा रहे हैं। इन लोगों के खिलाफ पुलिस ने केस भी दर्ज कर लिया है।