बलरामपुर। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ पाने के लिए लाभार्थियों को बैंक में केवाईसी अपडेट करना होगा। केवाईसी अपडेट न होने पर लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। वर्तमान समय में केवाईसी अपडेट न होने के कारण जिले में 2376 लाभार्थियों का भुगतान रुका हुआ है।
सीएमओ डा. सुशील कुमार ने बताया कि पिछले दिनों कुछ राष्ट्रीयकृत बैंकों का विलय किया गया है। इसके चलते आईएफएस कोड बदल गया है। आईएफएस कोड बदलने के कारण बैंक अकाउंट होने के बावजूद प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों को भुगतान नहीं मिल पा रहा है। जिन लाभार्थियों को अभी तक भुगतान नहीं मिला है वह बैंक जाकर अपना केवाईसी अपडेट करा लें। नए आईएफएस कोड की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करा दें। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के जिला कार्यक्रम सहायक पुनीत मणि त्रिपाठी ने बताया कि योजना के तहत जनवरी 2017 से अब तक जिले में करीब 53 हजार 887 लाभार्थियों को 22 करोड़ 80 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। जो लाभार्थी शेष बचे हैं उनको भी शीघ्र ही भुगतान करा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में पहली बार मां बनने वाली 53 हजार 334 महिलाओं को लाभ देने का लक्ष्य शासन की तरफ से निर्धारित किया गया गया था। लक्ष्य से अधिक लोगों को योजना का लाभ दिया जा चुका है।
पहली बार गर्भवती होने पर मिलते हैं पांच हजार
एसीएमओ डा. वीपी सिंह ने बताया कि योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने वाली महिला को तीन किश्तों में पांच हजार रुपये की धनराशि दी जाती है। सरकारी या निजी अस्पताल में प्रसव होने पर योजना का लाभ पाने के लिए पंजीकरण कराना होता है। पंजीकरण के लिए मां के बैंक पासबुक की छाया प्रति जरूरी है। पंजीकरण कराने पर गर्भवती को प्रथम किश्त के रूप में एक हजार रुपए दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने पर दूसरी किश्त के रूप में दो हजार रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने पर तथा प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर तीसरी किश्त के रूप में दो हजार रुपए भुगतान किया जाता है। योजना के पंजीकरण अथवा भुगतान के संबंध में किसी भी जानकारी के लिए राज्य हेल्प लाइन नंबर 7998799804 पर संपर्क किया जा सकता है।