बलरामपुर। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में त्रुटिपूर्ण अंक पत्रों और प्रमाण पत्रों में संशोधन कराने के लिए काफी जटिल हो गई है। एक दिन या एक हफ्ते में संशोधन कराकर प्रमाण पत्र प्राप्त करना अब संभव नहीं होगा। इसके लिए संशोधन प्रक्रिया काफी सख्त बना दिया गया है।
इसके बाद भी रजिस्टर्ड डाक से आवेदन भेज कर संशोधन करा सकते हैं। जन्मतिथि संशोधन के मामले में तो यह प्रक्रिया और जटिल है। हाई स्कूल की परीक्षा पास करने के तीन साल के अंदर अगर जन्मतिथि में संशोधन के लिए आवेदन नहीं किया गया तो संशोधन नहीं होगा। अगर तीन साल के अंदर संशोधन के लिए आवेदन कर दिया गया है, तो किया जाता है लेकिन अधिकांश में जन्मतिथि के मामले में उपरोक्त संशोधन हो जाएगा। माता, पिता के पूर्ण नाम परिवर्तन की स्थिति में छात्र को जो महत्वपूर्ण कागजात उपलब्ध कराने होते हैं।
इनमें प्राइमरी, मिडिल व हाई स्कूल के दाखिला रजिस्टर की मौके पर जांच कराना, इस तीनों कक्षाओं की काउंटर साइन टीसी, संशोधन वाले प्रमाणपत्र की मूल प्रति इंटर की छायाप्रति, कक्षा नौ या ग्यारह के पंजीकरण की प्रमाणित प्रति, प्रवेश प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और आवेदन फार्म की प्रमाणित छायाप्रति, हाईस्कूल तीनों से लेनी पड़ती है। परिवार रजिस्टर की नकल और छात्रों द्वारा संशोधन का आवेदन तो आधार कार्ड देना होगा। इसके बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
डीआईओएस गोविंद राम ने बताया कि प्रमाण पत्रों में सुधार के लिए बोर्ड ने नियमों को सख्त किया है। बोर्ड सुधार के लिए लगातार अपनी साइट भी खोला करती है। फिलहाल अभिलेखों के मिलान के बाद ही अब बदलाव हो सकेगा।
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