बलरामपुर। टूल किट पाकर माटी कला कारोबारियों के चेहरे खुशी से खिल गए। जिले में काम करने वाले 28 कुम्हारों व पारंपरिक कारीगरों को निशुल्क टूल किट का वितरण किया गया है। अत्याधुनिक मशीनों से माटी के बर्तनों को तैयार करके दीवाली में कारीगरों को बेहतर कमाई करने का मौका मिलेगा। स्थानीय कला को बढ़ावा दिए जाने पर कारीगरों ने खुशी जताई है।
कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को डीएम श्रुति ने 28 कुम्हारों व पारंपरिक कारीगरों को मिट्टी के बर्तनों को तैयार करने और उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बिजली से चलने वाले चाक व अन्य टूल किट वितरित किया।
डीएम ने कहा कि दीपावली का त्यौहार आ रहा है। बिजली से चलने वाले उपकरणों के जरिए कारीगरों को अधिक मात्रा में मिट्टी के बर्तनों को तैयार करने में मदद मिलेगी। बिजली से चलने उपकरणों को पाकर माटी कला के कारीगरों ने खुशी जताई और कहा कि रोजगार को बढ़ाने में उपकरण मदद करेंगे।
कम समय में आसानी से अधिक मात्रा में मिट्टी के बर्तनों को सुंदर व आकर्षक ढंग से तैयार किए जा सकेंगे। सुंदर व आकर्षक ढंग से तैयार मिट्टी के बर्तनों से कारीगरों को भारी लाभ मिलेगा।
जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी राजीव सक्सेना ने कहा कि लोहार, बढ़ाई व प्रजापति समाज के कारीगरों को बिजली से चलने वाले उपकरणों से मिट्टी के बर्तनों को तैयार करने में काफी मदद मिलेगी। समय की बचत होगी। कम समय में अधिक मात्रा में मिट्टी के बर्तन तैयार कर सकेंगे।