बलरामपुर। सर्वर डाउन होने से गैर जिले से स्थानांतरित होकर आए 49 शिक्षकों को अभी तक स्कूलों का आवंटन नहीं हो सका है। स्कूल पाने के लिए शिक्षक पांच दिनों से बेसिक शिक्षा दफ्तर का चक्कर काट रहे हैं। पोर्टल पर सरकारी के बजाय मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों का ब्यौरा अपलोड है जिसके चलते शिक्षकों को स्कूल आवंटन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बीएसए डॉ. रामचंद्र ने शनिवार को बताया कि शासन स्तर से 49 महिला पुरुष शिक्षकों का गैर जनपदों से पारस्परिक स्थानांतरण हुआ है। गैर जिले से आए सभी शिक्षकों को स्कूलों का आवंटन करने के लिए शासन स्तर से 12 अक्तूबर की तिथि निर्धारित की गई थी।
बीएसए दफ्तर में प्रात: 10 बजे से पारदर्शिता व सुचितापूर्ण ढंग से ऑनलाइन स्कूलों का आवंटन शिक्षक शिक्षिकाओं को बुलाया गया। पोर्टल पर सर्वर डाउन होने व स्कूलों का ब्यौरा गलत अपलोड होने के चलते शिक्षकों को स्कूल आवंटन नहीं किया जा सका है।
डीएम श्रुति के निर्देशानुसार स्कूलों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी कराने की तैयारी की गई। गैर जिलों से आए दिव्यांग, महिला व पुरुष शिक्षक बीएसए दफ्तर में समय से उपस्थित हुए। प्राचार्य डायट/उप शिक्षा निदेशक देवीपाटन मंडल गोंडा विनय मोहन वन, डीडीओ गिरीश कुमार पाठक, राजकीय बालिका इंटर कालेज उतरौला की प्रधानाचार्य व प्रवक्ता हिंदी डायट स्कूलों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए आए।
डीसी निरंकार पांडेय, एमआईएस संजय श्रीवास्तव व पटल सहायक दिलेराम को गैर जिले से आए शिक्षकों को स्कूलों का आवंटन कराने की प्रक्रिया में सहयोग के लिए लगे रहे। पांच दिनों तक लगातार शिक्षकों को स्कूल आवंटित करने के लिए प्रयास जारी रहा। सफलता न मिलने पर सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज को पोर्टल से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों का ब्यौरा हटाने व सर्वर आदि के संबंध में पत्र भेजा गया है।