बलरामपुर। शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में सोमवार को न्यायालय ने अभियुक्त को दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। 25 हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
विशेष लोक अभियोजक पाक्सो एक्ट पवन कुमार वर्मा ने बताया कि एक व्यक्ति ने छह फरवरी 2019 को रेहरा बाजार थाने में तहरीर दी थी। इसमें कहा था कि उसकी नाबालिग बेटी के साथ गांव के ही रामचंद्र वर्मा ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना की। इसके बाद आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट जहेंद्र पाल सिंह ने रामचंद्र वर्मा को दोषी मानते हुए दस वर्ष के सश्रम कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं जमा करने पर सात माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।