पंडित दीन दयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत योजना के तहत नगर पंचायत मनियर में तीन करोड़ की लागत से अवस्थापना सुविधाओं का विकास होना है। शासन ने वित्तीय स्वीकृति देते हुए पहली किस्त में 1.50 लाख रुपये वर्ष 2020 में दिए थे। अब दूसरी किस्त में 1.50 करोड़ भी जारी कर दिए गए हैं। इस धनराशि से नाली-नाले, आरसीसी, इंटरलाकिंग आदि के कार्य कराए जाएंगे।
छोटे और नए नगर निकायों में भी शहरी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए शुरू की गई पंडित दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत योजना के तहत मनियर का चयन वर्ष 2020 में किया गया था। उस समय विकास कार्यों के लिए तीन करोड़ की डीपीआर स्वीकृत कर पहली किस्त में डेढ़ करोड़ रुपये जारी किए थे। इस धनराशि से नगर में स्ट्रीट लाईट, इंटरलाकिंग, सडक, नाली आदि का कार्य होना था। 86 लाख की लागत से पावर हाउस से काशीनाथ बाबा के मन्दिर होते हुए शुकुलपुर तक, चान्दुपाकड़ पुल से बहेरापार राजभर बस्ती तक, जलेश्वर राय के घर से जटहवा बाबा के स्थान तक, नगर पंचायत कार्यालय से पावर हाउस तक, बस स्टैन्ड से चान्दुपाकड़ होते हुए योगी बाबा के डेरा तक और बस स्टैन्ड से गंगापुर तक स्ट्रीट लाइट लगाई जानी थी। शेष धन से नवका बाबा स्थान से टीएस बन्धा तक, देवापुर ट्रान्सफार्मर से नवकाबाबा होते हुए सतकुबाबा के स्थान तक, विनोद राय के घर से बीएसएनएल टावर तक इंटरलाकिंग, झलक दास के मठिया से जगदीश रावत के घर होते हुए जलेश्वर राय के घर तक नाली और इंटरलाकिंग, रमाशंकर के मिल से रामजन्म उपाध्याय के धर होते हुए और जूहा से अरविन्द वर्मा के डेरा होते हुए बब्बन राय के घर तक नाली और इंटर लाकिंग का कार्य होना था। सभी कार्य की शुरूआत कराई गई। कुछ पूर्ण हो चुके हैं, कुछ कार्य आधे-अधूरा पड़े हैं। अब धन मिलने के बाद इन कायोऌ्इं के पूरा होने की उम्मीद जगी है। ईओ मनियर मृदुल सिंह ने बताया कि शासन से जो भी धन आया लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। शेष कार्य भी बहुत जल्द पूरा कर लिया जाएगा।