यौन उत्पीड़न पर दिए गए फैसले के खिलाफ ऐपवा के बैनर तले महिलाओं ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। इसके साथ ही इसे रद्द करने की मांग की। बात दें कि प्रदर्शन करने वाली महिलाओं ने इसके खिलाफ आगे भी आवाज बुलंद करने की बात कही।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस राम मनोहर मिश्र के यौन उत्पीड़न पर दिए गए फैसले के खिलाफ अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) ने मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर रेखा पासवान के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा।
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इसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले को असंवैधानिक पुरूषसात्मक फैसला बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की। आरोपियों को गिरफ्तार करने, सजा की गारंटी और पीड़िता को न्याय प्रदान के साथ ही भविष्य में न्यायालय किसी भी केस में महिला विरोधी रुख लिया।
फैसला न सुनाने, इसके लिए सभी न्यायालयों के जजों की जेंडर सेंस्टाइजेशन ट्रेनिंग को अनिवार्य करने तथा 2012 में निर्भया कांड के बाद अस्तित्व में आई जस्टिस वर्मा कमेटी की सिफारिशों को लागू करने की मांग की। विरोध करने वालों में रेखा पासवान, गायत्री मोदनवाल, कमला प्रजापति, कमलावती गोंड, रमता देवी, गीता, देवान्ती, किरन, चंपा, संगीता, विन्दा, शकुन्तला, मीरा देवी आदि महिलाएं शामिल रहीं।