उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड मेडिकल एंड सेल्स रिप्रजेंटेटिव एसोसिएशन के 16वें सम्मेलन के अंतिम दिन वक्ताओं ने केंद्र सरकार की श्रम विरोधी नीतियों की आलोचना की। साथ ही मेडिकल एंड सेल्स रिप्रजेंटेटिव के लंबित मांगों पर बैठक बुलाकर निष्पादन नहीं करने के विरूद्ध 16 दिसंबर को सांकेतिक हड़ताल पर जाने की घोषणा की गई।
इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए महामंत्री आलोक बनर्जी ने केंद्र सरकार के श्रम विरोधी नितियों पर प्रहार करते हुए कहा कि न्यूनतम वेतन को विभिन्न राज्य सरकारों ने लागू तो किया लेकिन क्रियान्वयन नहीं किया। उन्होंने मांग किया कि आठ घंटे काम और मेडिकल एंड सेल्स रिप्रजेंटेटिव आईडी एक्ट के परिधि में लाया जाय।
उन्होंने उप्र सरकार के खिलाफ छह जुलाई 2014 को लखनऊ तथा 21 अगस्त 2015 को उत्तराखंड में शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी और आंदोलन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इसी क्रम में सीटू के महामंत्री प्रेमनाथ राय ने दो सितंबर 2015 को पूरे प्रदेश में हुई हड़ताल को सफल बनाने के लिए बलिया व गाजीपुर की इकाई की सराहना की।
इस दौरान सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए उनके बहुमूल्य सुझाव पर अमल करने का आह्वान किया। इस मौके पर डा. जीसी उपाध्याय, बलवंत कुमार सिंह, लक्ष्मण गुप्ता, मनोज श्रीवास्तव, प्रमोद गौड़, अजीत सिंह, आसिफ जैदी, संजय सिंह, आरके सिंह, आरएम राय, पीके मिश्रा, विमेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।