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Ballia News: मंत्री हुए नाराज तो 10 मिनट में जिला अस्पताल पहंुचे जेई और सीएमओ

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बलिया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में उस समय हड़कंप मच गया, जब परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने जिला अस्पताल पहंुचकर स्वास्थ्य विभाग के जेई को तत्काल मौके पर बुलाने के निर्देश दिया। लेकिन वह दस मिनट तक नहीं पहंुचे तो मंत्री ने अपने सचिव से उन्हें संस्पेड करने का लेटर भेजने का निर्देश दिया। इसकी भनक लगते ही डीएम की बैठक छोड़कर सीएमओ डॉक्टर संजीव वर्मन व जेई पहुंचे।
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दरअसल जिला अस्पताल की दुर्व्यवस्था की खबर पर सोमवार को परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान इमरजेंसी कक्ष, इमरजेंसी वार्ड, ट्राॅमा सेंटर का हाल जाना। अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज मिले इसके लिए ट्राॅमा सेंटर के बगल में 50 करोड़ में क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने के लिए खुद फीता लेकर जमीन की नापी करवाई। सीएमओ डॉ. संजीव वर्मन व सीएमएस डॉ. एसके यादव को प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने का निर्देश दिया।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अमर उजाला में आठ जून काे पेज संख्या दो पर ''लचर व्यवस्था .... 1.5 घंटे तक इलाज के लिए तड़पता रहा मरीज, नहीं हुआ इलाज, मौत '' खबर को संज्ञान में लेकर अस्पताल का निरीक्षण किया। मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिलने व उन्हें रेफर करने पर सीएमएस डॉक्टर एसके यादव को फटकार लगाई। अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस खड़ी होने पर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल परिसर में बनने वाले क्रिटिकल केयर के बारे में सीएमएस से जानकारी मांगी।
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सीएनडीएस के जेई द्वारा जमीन की कमी के बारे में जानकारी देने पर मंत्री विफर पड़े। ट्राॅमा सेंटर के पश्चिम छोर पर खाली जमीन को देखा। स्वास्थ्य विभाग के जेई को तत्काल मौके पर बुलाने के निर्देश दिए। कहा कि अगर क्रिटिकल केयर रहता तो बेहतर इलाज मिलता। कहा कि अगर जमीन की कमी होगी तो सीतापुर अस्पताल की जमीन ली जाएगी। पूरे परिसर का जायजा लेने के बाद सीएमओ कार्यालय में बैठे। जेई के लेट होने पर उन्होंने अपने सचिव से उन्हें संस्पेड करने का लेटर भेजने का निर्देश दिया। इसकी खबर लगते ही डीएम की बैठक छोड़कर सीएमओ डॉक्टर संजीव वर्मन व जेई पहुंचे। जिसके बाद जमीन की नापी करवाई। जमीन पूरी होने पर अधिकारियों को प्रस्ताव जल्द तैयार कर शासन को भेजने को कहा।
इस दौरान पूर्व मंत्री नारद राय ने इमरजेंसी में ऑक्सीजन की उपलब्धता के बारे में सीएमएस से जानकारी मांगी। उन्होंने स्टोर में ऑक्सीजन सिलेंडर व कंस्ट्रेटर मशीन होने की जानकारी दी। पूर्व मंत्री ने पाइप लाइन से बेडों को जोड़ने के लिए कहा। परिवहन मंत्री ने सीएमएस से अस्पताल की आ रही शिकायतों में सुधार लाने का सख्त निर्देश दिया। इस दौरान राज्यसभा सदस्य नीरज शेखर, पूर्व मंत्री नारद राय मौजूद रहे। इस दौरान नकुल चौबे, अरुण कुमार बंटू, पप्पू पांडेय, किशन सिंह, उपेन्द्र सिंह, धर्मवीर सिंह आदि भी मौजूद रहे।

ट्रॉमा सेंटर के ऊपर शुरू होगा आईसीयू वार्ड : परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को रेफर करने पर सीएमएस को फटकार लगाई। कहा कि बिना रोग विशेषज्ञ चिकित्सक के जांच के ईएमओ या फार्मासिस्ट की ओर से मरीज को रेफर करने की जानकारी मिली तो कार्रवाई तय है। सीएमएस डॉक्टर एसके यादव ने ट्राॅमा सेंटर के ऊपर आईसीयू वार्ड चालू करने की जानकारी दी। कहा कि आजमगढ़ से चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी ट्रेनिंग ले चुके हैं। आईसीयू वार्ड चालू होने के बाद सड़क दुर्घटना सहित अन्य गंभीर मरीजों को वाराणसी रेफर करने की जगह वेंटिलेेंटर की सुविधा मिलेगी।
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