इसके साथ ही सीयर ब्लॉक के जजौली गांव की ग्राम प्रधान मालती सिंह ने अधिकारियों से शिकायत की थी कि प्रमोद कुमार मंजुल गांव के विकास कार्यों में रुचि नहीं लेते। रोस्टर के मुताबिक गांव में उपस्थिति दर्ज नहीं की जाती है। गांव के विकास कार्य अवरुद्ध पड़े हैं।
पंचायत भवन का निर्माण के लिए पांच लाख रुपये निकाल लिया गया है। पंचायत भवन का कार्य अधूरा पड़ा है। पंचायत भवन के निर्माण में प्रयोग होने वाली सामग्रियों का बकाया होने के चलते दुकानदार द्वारा बार-बार मुझसे भुगतान की मांग की जा रही है।
इसके अलावा मनरेगा मद से कराए जा रहे गांव के विकास कार्यों के भुगतान के समय भी धनउगाही की जाती है। अमर उजाला ने मामले को प्रमुखता से उठाया था। खबर मीडिया में आने के बाद ब्लाक से लेकर जिले स्तर पर हड़कंप मच गया।
मंगलवार को डीपीआरओ अजय कुमार श्रीवास्तव ने प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया। भ्रष्टाचार और कार्यस्थल पर भी शराब के नशे में सबके साथ दुर्व्यवहार करने के आरोपों की जांच बैठा दी है।