यूपी बोर्ड 12वीं के अंग्रेजी पेपर लीक मामले में पत्रकारों की रिहाई अभी तक नहीं हुई है। पत्रकारों की रिहाई की मांग को लेकर कई संगठनों ने आज बलिया बंद कर दिया है। लोगों ने बाइक मार्च निकालकर रिहाई की मांग भी रखी है। निर्दोष पत्रकारों की रिहाई और जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह एवं पुलिस अधीक्षक राजकरन नय्यर के निलंबन के लिए संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा के आंदोलन के समर्थन में बलिया बंद का असर शहर से लेकर कस्बों तक दिख रहा है।
सुबह से ही सारी दुकानें बंद हैं। चौक-चौराहों पर जमा लोग जिला प्रशासान के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। बलिया बंद को जिले विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र संगठनों और व्यापारी संगठनों ने समर्थन दिया है। शहर के कासिम बाजार, चौक, गुदरी बाजार, चमन सिंह बागरोड, विजय सिनेमा रोड, एलाईसी रोड, तहसील रोड, नया चौक, भृगु आश्रम, कदम चौराहा, मालगोदाम, जापलिनगंज, स्टेशन रोड, आर्यसमाज रोड, सुतरपट्टी रोड, शास्त्रीनगर, गड़हा मोहल्ला, ओक्डेनगंज, सेनानी उमाशंकर चौराहा, यूको बैंक चौराहा, हॉस्पिटल रोड, चित्तू पांडेय रोड, गांधी नगर आदि मार्गो पर व्यापारियों ने दुकानों को बंद कर रखा है।
एक स्वर से लोगों ने कहा कि जब देश का सच उजागर करने वालों को गिरफ्तार करना अन्याय है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने पर आमजन से प्रशासन किस तरह से निपटेगा। ऐसे में एकजुटता जरूरी है। संयुक्त पत्रकार संघर्षो मोर्चा के सदस्यों के साथ ही शिक्षक नेता जितेंद्र सिंह, व्यापारी नेता प्रदीप गुप्ता एडवोकेट, रजनीकांत सिंह, मंजय सिंह, विकास पांडेय लाला, पूर्व चेयरमैन लक्ष्मण गुप्ता ,राहुल सिंह सागर,अपने सहयोगियों के साथ सुबह से ही बंदी को सफल बनाने के लिये नगर का भ्रमण करते हुए व्यापारियों से अनुरोध करते रहे।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि यह बंदी सरकार एवं जिला प्रशासन के लिए संदेश है कि जनपद के सभी वर्ग के लोग पेपर लीक मामले में सच लिखने वाले गिरफ्तार निर्दोष पत्रकारों के साथ हैं। कहा कि जब तक गिरफ्तार तीनों पत्रकार साथियों की सम्मान रिहाई नहीं हो जाती तब यह आंदोलन एवं प्रदर्शन जारी रहेगा।
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