बलिया। अपर सत्र न्यायाधीश नीलम ढाका की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में सुनवाई करते हुए अभियुक्त हरिश्चंद पर दोष साबित पाया। हरिश्चंद को दो वर्ष की सजा एवं 5000 अर्थदंड से दंडित किया।
हरिश्चंद निवासी बरक्षपार थाना उंभाव पर गैंगस्टर एक्ट के तहत 2002 में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसकी सुनवाई विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट के कोर्ट में चल रही थी। अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त पर दोष सिद्ध पाया और सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। संवाद