सोनबरसा अस्पताल पर चिकित्सक की प्रतीक्षा में बैठे मरीज।
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बैरिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य विभाग के उदासीनता और चिकित्सकों की संवेदनहीनता के कारण चिकित्सकीय व्यवस्था बद से बदतर हो गई है। इमरजेंसी सेवा की बात तो दूर ओपीडी में भी रोगियों का इलाज नहीं हो पा रहा है। यहां आधादर्जन से अधिक चिकित्सकों की तैनाती है। ऊपर से स्वास्थ्यकर्मियों की भी लंबी सूची है, लेकिन अधिकांश लोग अपनी जुगाड़ व्यवस्था से घर बैठे वेतन ले रहे है।
यहां तैनात चिकित्साधिकारी डा. विजय यादव बलिया अटैच हैं। अधीक्षक डाक्टर आशीष श्रीवास्तव व महिला चिकित्साधिकारी डा. स्वर्णा सिंह लम्बी छुट्टी पर हैं। डा. शैलेश राव की वीआईपी ड्यूटी में तैनाती है। ऐसे में यहां सोमवार को कोई भी चिकित्साधिकारी अस्पताल में नहीं था। रोगियों के हो-हल्ला पर कोटवां में तैनात आयुष चिकित्सक डा. मनोज उपाध्याय को साढ़े 10 बजे सोनबरसा अस्पताल पर भेजा गया। एक तरफ सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त लगातार प्रयास कर रहे हैं कि यहां चिकित्सीय व्यवस्था इतनी बेहतर हो जाए कि यहां के मरीजों को इलाज के लिए बलिया या वाराणसी नहीं जाना पड़े। सांसद के प्रयास से यहां 90 लाख रुपये की लागत से ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया है। निर्माणाधीन 100 बेड के अस्पताल में लगाने के लिए लगभग चार करोड़ रुपये की मशीन आकर रखी हुई है। इस प्रयास को पलीता लगाने में लगा स्वास्थ्य विभाग लगा हुआ। अगर रात को कोई गम्भीर रोगी आ जाए या कोई एक्सिडेंटल मामला आ जाए उसे कोई पूछने वाला नहीं है ।ऐसे में गरीब लोगों का सरकार के मंशा के अनुसार इलाज सुलभ कैसे होगा इ सपर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
लोकप्रिय चिकित्सक डाक्टर नवीन कुमार सिंह का स्थानांतरण मऊ जनपद के लिए आठ माह पूर्व हो गया। तब से सोनबरसा के इस अस्पताल की स्थिति बद से बदतर हो गया। रसोईया तैनात है लेकिन कभी रोगियों के लिए भोजन नहीं बनता है। धोबी की तैनाती है लेकिन कपड़े नहीं धुलते। जिल स्वास्थ्य एवं कल्याण समिति के सभापति व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती गीता सिंह ने सीएमओ से आग्रह किया है कि तत्काल सीएचसी सोनबरसा की व्यवस्था दुरुस्त करें।अन्यथा की स्थिति में सम्बन्धितों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।