हल्दिया से प्रयागराज तक जल परिवहन की दिशा में विकास कार्य हो रहे हैं। बुधवार को जलमार्ग प्राधिकरण के जहाज से प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने गंगा नदी में निरीक्षण किया। उप्र अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के चेयरमैन के तौर पर गंगा किनारे माल्देपुर व संगम घाट पर प्रस्तावित दो जेटी यानी जहाजों के पड़ाव स्थल के लिए निरीक्षण कर स्थान चयनित किया।
मंत्री ने बताया कि यहां जेटी बनाए जाने का कार्य जल्द ही शुरू होगा। इस दौरान मंत्री ने जलमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों संग नदी व आसपास पर्यटन के विकास की संभावनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि जल परिवहन की दिशा में बलिया जिला अव्वल बनेगा।
गंगा नदी व आसपास के क्षेत्रों को पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जलमार्ग के विकास की योजना जल्द लोगों को दिखाई देगी। उन्होंने कहा यहां जेटी के निर्माण से हल्दिया (कोलकाता) से बलिया, वाराणसी और प्रयागराज तक जल परिवहन सुगम होगा। इससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और यात्री सेवाओं में भी सुधार होगा।
माल ढुलाई में समय की बचत के साथ-साथ लागत भी कम आएगी। इस दौरान नपा चेयरमैन संत कुमार गुप्ता मिठाई लाल, प्राधिकरण के अधिकारी रणधीर कुमार, पूर्व प्रमुख गुड्डू राय, सीए बलजीत सिंह आदि मौजूद रहे। 250 ट्रकों के बराबर माल ढुलाई की क्षमता : परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि जलमार्ग के पूर्ण विकसित होने के बाद एक जहाज में लगभग 250 ट्रकों के बराबर सामान लोड किया जा सकेगा।
जिससे ढुलाई लागत में कमी आएगी और व्यापारियों को फायदा होगा।
होगी जल परिवहन संस्थान की स्थापना : परिवहन मंत्री ने बताया कि परियोजना के तहत जिले में एक जल परिवहन संस्थान (इनलैंड वाटरवे कॉलेज) की स्थापना की जाएगी, जहां युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे जल परिवहन के क्षेत्र में कुशल कर्मियों की संख्या बढ़ेगी और नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, क्रूज सेवा की तैयारी : परिवहन मंत्री ने बताया कि बलिया में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गंगा में क्रूज सेवा शुरू करने की योजना की तैयारी है। कहा क्रूज संचालन से जिले में पर्यटन के एक नए युग की शुरुआत होगी।
इस पर लोग जन्मदिन आदि की छोटी पार्टी और अन्य मनोरंजन कार्यक्रम भी कर सकेंगे। इससे स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और जिले को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकेगा।