बलिया। आज बदलते मौसम, खराब खानपान, बढ़ते प्रदूषण और दवाओं के अनियमित सेवन से इन दिनों किडनी पर सीधे असर पड़ रहा है। ऐसे मरीजों के लिए जिला अस्पताल में डायलासिस की तो व्यवस्था है, लेकिन किडनी ट्रांसफार्मर करने की व्यवस्था नहीं है। जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल स्थित डायलासिस सेंटर के आंकड़ों पर गौर किया जाय तो 10 मार्च तक कुल 180 मरीजों का रजिस्ट्रेशन किया गया है। इसमें से 60 लोगों की डायलासिस की जा रही है। इसमें 54 मरीज निगेटिव तथा छह पॉजिटिव है। इसके अलावा सात पॉजिटिव मरीज वेटिंग में है। इस प्रकार कुल 67 मरीजों का डायलासिस किया जा रहा है। वहीं 120 लोगों से में कुछ की मौत हो गई। वहीं कुछ अन्य अस्पतालों में इलाज कराने चले गए।
बता दें कि प्रत्येक वर्ष 10 मार्च को विश्व किडनी दिवस मनाया जाता है। 10 मार्च तक जिले में 180 किडनी फेल मरीजों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। बता दे कि जिला अस्पताल के नए भवन में 22 फरवरी 2020 को डायलासिस मशीन की स्थापना की गई थी। जिसमें किडनी फेल मरीजों की डायलासिस किया जाता है। अस्पताल में कुल 10 डायलासिक मशीन है और 10 बेड स्थापित है। जबकि डायलासिस मशीन के स्थापना से लेकर 10 मार्च 2022 तक कुल 180 किडनी फेल मरीजों का रजिस्ट्रेशन किया गया है। इसमें से 60 लोगों की डायलासिस की जा रही है। वहीं सात पॉजिटिव मरीज वेटिंग में चल रहे है। जबकि 120 लोगों में से कुछ की मौत हो गई। वही कुछ लोग अन्य अस्पतालों में उपचार कराने चले गए।