बलिया। नगरा थाना अंतर्गत सोनाड़ी गांव में अराजकतत्वों द्वारा दुकान तोड़ने व मना करने पर गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित पाल सिंह की न्यायालय ने तीन अभियुक्तों परशुराम, मनीष निवासी सोनाड़ी तथा अवनीश नवानगर (चाड़ी) सिकंदरपुर को दोषी ठहराया। पांच-पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। सभी धाराओं को मिलाकर कुल दस हजार जुर्माना लगाया। जुर्माने की धनराशि जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त छह मास की सजा भुगतनी होगी।
नगरा थाना क्षेत्र के सोनाड़ी गांव में चार मई 2010 को सुबह 8 बजे उसी गांव के अभियुक्त वादी मुकदमा प्रभुनाथ पुष्पक की दुकान तोड़ने लगे और गाली गलौज करने लगे। मना करने पर और उत्तेजित हो गए तथा उसके घर की किरन तथा भतीजी प्रियंका को बुरी तरीके से पीटकर गंभीर चोट पहुंचाए। इसके बाद घायलों का इलाज जिला अस्पताल में काफी दिनों तक चलता रहा। शासकीय अधिवक्ता ने न्यायालय के समक्ष समस्त साक्ष्यों को प्रस्तुत करते हुए अधिकतम सजा की मांग की और बचाव पक्ष द्वारा भी अपना तर्क प्रस्तुत किया गया। अंत में न्यायालय ने फैसला सुनाया।