बलिया। जिले में कोरोना टीका के दूसरी डोज लेने के नौ माह से अधिक बीत जाने के बाद भी बूस्टर डोज 60 वर्ष से कम उम्र वालों को नहीं लग पा रही है। लोग महानगर में जाकर प्राइवेट अस्पताल में पैसा देकर बूस्टर डोज लगवा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में बूस्टर डोज लगाने के लिए कोई आदेश नहीं आया है। आदेश आने के बाद ही बूस्टर डोज लगाई जा सकेगी।
बतादे कि केंद्र सरकार ने 18 वर्ष से ऊपर वाले को कोरोना टीका की दूसरी डोज के नौ माह बाद बूस्टर डोज लगाने का आदेश जारी किया गया था। इसके तहत 60 से अधिक आयु वाले लोगों को गाइडलाइन के अनुसार बूस्टर डोज लगाई जा रही है। लेकिन 60 वर्ष से कम आयु वाले लोगों को दूसरी डोज के नौ माह बाद भी बूस्टर डोज नहीं लग पा रही है। इन लोगों को अगर बूस्टर डोज लेने की आवश्यकता होगी तो उन्हें महानगर स्थित प्राइवेट अस्पतालों में पैसा देकर बूस्टर डोज लगवानी पड़ेगी। जनपद में प्राइवेट में पैसा देकर बूस्टर डोज लगवाने की अभी कोई व्यवस्था नहीं है। जनपद में 60 से अधिक आयु वाले 331671 लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 45507 लोगों को बूस्टर डोज लगाई जा चुकी है। इस बाबत जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. एके तिवारी ने बताया कि 60 वर्ष से कम आयु वाले लोगों को सरकारी अस्पतालों में बूस्टर डोज लगाने के लिए कोई दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। जिनको आवश्यकता है वे महानगर में जोकर प्राइवेट अस्पतालों में पैसा देकर बूस्टर डोज लगवा सकता है। वर्तमान में जनपद में प्राइवेट अस्पतालों में कोई व्यवस्था नहीं है। आगे जो भी गाइडलाइन जारी होगी,उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।