विभिन्न मांगों को लेकर जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के बाहर प्रदर्शन करते छात्र।
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बलिया। उप्र जल निगम संघर्ष समिति के तत्वावधान में चल रहा धरना जल निगम कार्यालय परिसर में शुक्रवार को भी जारी रहा। धरना सभा को संबोधित करते हुए रामप्रवेश ने कहा कि पूरे प्रदेश के समस्त जल निगम परिवार धरने पर बैठे है। जल निगम के प्रति शासन का नजरिया सही नहीं है। शासन जल निगम की मजदूरी (सेंटेज) 21 सौ करोड़ देना नहीं चाहता है। राधाकृष्ण ने कहा कि हमने वेतन/ पेंशन की मांग नगर विकास मंत्री से भी किया गया है। लेकिन शासन-प्रशासन ने अभी तक कुछ तय नहीं कर पाया है।
रामपाल राम ने कहा कि हमारे अधिकारों को तुरंत दिया जाए। वेतन/ पेंशन न मिलने पर जल निगम परिवार भूख हड़ताल करते हुए मरना पसंद करेंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। चंद्रभूषण पटेल ने कहा कि वेतन न मिलने से बुजुर्ग इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं, तो बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। सतीशचंद्र पाठक ने कहा कि शासन द्वारा वेतन, पेंशन, अनुकंपा नियुक्ति बहाल न करने से कर्मचारियों का गुस्सा अब आक्रोश में व्याप्त हो रहा है। हम लोगों की मांगे तत्काल पूरी नहीं होती है तो हम लोग पूरे जिले के कार्यालयों को बंद कराने का काम करेंगे। अध्यक्षता मनोज कुमार सिंह कुशवाहा तथा संचालन संतोष कुमार ने किया। इस मौके पर बजरंगी, पंकज कुमार सिंह, अभिषेक रंजन, अमरनाथ पांडेय, रामचंद्र राम, कृष्ण कुमार, निर्मला देवी, सुगंधी देवी, अमित शर्मा, चंदन गोंड, संतोष ओझा, कमला, दीपक सिंह, राजेश सिन्हा, असफाक हुसैन, दुर्गेश पाठक, बरमेश्वर राम, जितेंद्र मिश्र, ओमप्रकाश उपाध्याय, ब्रह्मानंद, रविंद्र श्रीवास्तव, रामविहारी सिंह, महेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।