पंदह। उच्च न्यायालय के आदेश पर जिलाधिकारी की ओर से गठित दो सदस्यीय टीम शुक्रवार की दोपहर ग्राम पंचायत पकड़ी में जांच करने पहुंची। जैसे ही शिकायतकर्ता को जानकारी मिली, वह मौके पर पहुंचा और जांच पर लीपापोती का आरोप लगाते हुए सवाल खड़े कर दिए। उसने बताया कि जांच अधिकारी ने जांच की उसे सूचना नहीं दी। बिना आवश्यक अभिलेखों के ही जांच शुरू कर दी।
जिलाधिकारी की ओर से गठित समिति में लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता को सदस्य बनाया गया था लेकिन वे मौके पर पहुंचे ही नहीं। उनकी जगह किसी अन्य अभियंता को जांच के भेजा गया । पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह बाद में जानकारी देंगे। उधर, जब जांच के दौरान तथ्य नजर अंदाज करने का आरोप लगाते हुए पंचायत परिसर में ही प्रधान समर्थक और शिकायतकर्ता आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों में हाथापाई तक हो गई। हालात बेकाबू होते देख टीम वापस चली गई।
इस बाबत जिला समाज कल्याण अधिकारी रमेश कुमार ने बताया कि हमें 25 बिंदुओं की जांच करनी थी। संबंधित अभिलेख प्रधान और सचिव से मांगे गए थे लेकिन उपलब्ध नहीं कराए गए। समिति के सदस्य सहायक अभियंता लघु सिंचाई विभाग स्वयं न आकर किसी अन्य अभियंता को भेज देते हैं। जब उनसे पूछा गया कि जिलाधिकारी के आदेश को दरकिनार करने का अधिकार उनके पास कैसे है, तो उन्होंने कहा कि इसका जवाब वे अगले दिन देंगे। संवाद