जेएनसीयू के दीक्षांत समारोह को संबोधित करती उच्च शिक्षा मंत्री रजनी तिवारी।संवाद
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बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय (जेएनसीयू) का अष्टम दीक्षांत समारोह बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर स्थित दीक्षांत मंडप में संपन्न हुआ। अध्यक्षता कर रहीं उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि शिक्षा मनुष्य में संवेदनशीलता, आत्मानुशासन, नैतिकता, सेवा भाव, सहिष्णुता और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करती है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में शिक्षा को सिर्फ सूचना का संग्रह नहीं माना गया है, बल्कि इसका उद्देश्य व्यक्ति के व्यक्तित्व का समग्र विकास करना है। जब विश्व तीव्र परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भारतीय शिक्षा दर्शन की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि वे सिर्फ रोजगार प्राप्त करने तक अपनी आकांक्षाओं को सीमित न रखें, बल्कि रोजगार सृजन करने वाले उद्यमी बनने का लक्ष्य निर्धारित करें। दीक्षांत समारोह में छात्राओं की ओर से अधिक संख्या में स्वर्ण पदक प्राप्त करने पर उन्हें बधाई दी। कहा कि आज देश की बेटियां शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, रक्षा, चिकित्सा, खेल, साहित्य, न्यायपालिका और उद्यमिता सहित प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं।