जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-31 की मरम्मत में लापरवाही के चलते लोग परेशान हैं। एनएचएआई अब जयपुर की कंपनी कृष्णा इंफ्रास्ट्रक्चर को निरस्तीकरण के लिए नोटिस जारी कर दिया है।
पिछले आठ सालों से एनएच 31 जर्जर है और लोग वाहनों को गड्ढे में हिचकोले खाते लेकर चलने को विवश हैं। जिले में कोटवां नारायनपुर से मांझी तक करीब 90 किमी लंबा एनएच 31 है जो अधिकांश जगहों पर तो पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। इसके अलावा कई जगह इस कदर गड्ढे हैं कि उसे पार करते समय आए दिन गिरकर लोग चोटिल होते हैं। इतना ही नहीं हो हल्ला मचने के बाद अब ठेकेदार जहां-तहां गड्ढों में मिट्टी व छाई भरकर कोरम कर रहे हैं। हालांकि यह भी बारिश होते ही गायब हो जा रहा है। सोहांव ब्लॉक के भरौली गांव के सामने सड़क पर इस कदर गड्ढा है कि आए दिन यहां बाइक या साइकिल सवार गिरकर चोटिल होते हैं। इसे मिट्टी से भरकर काम चलाने लायक बनाया गया है। इसके अलावा शहर से गुजर रही एनएच पर जगह-जगह इस कदर गड्ढे हैं कि वाहनों का चलना दूभर होता है। बताया जाता है कि एनएच 31 के मरम्मत को लेकर एक साल पहले एनएचएआई की ओर से गाजीपुर से मांझी घाट तक जून 2020 में 102 करोड़ में टेंडर हुआ था। कार्य पूर्ण करने की अवधि एक साल थी। जब टेंडर हुआ था तब दावा किया गया था कि गाजीपुर और बलिया के मांझी घाट दोनों तरफ से मरम्मत कार्य होगा। बैरिया से मांझी घाट तक के लिए कार्य शुरू हुआ भी, लेकिन अधूरा छोड़ दिया गया। बैरिया में करीब 20 किमी की दूूरी में मरम्मत कार्य कराया गया है लेकिन वहां भी सड़क की गिट्टी उखड़ कर क्षतिग्रस्त हो गई। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया जयपुर के कंपनी कृष्णा इंफ्रास्ट्रक्चर को कार्य आवंटित था। एजेंसी की ओर से कराए गए कार्यों में गड़बडि़यां मिली है और कार्य की प्रगति भी काफी सुस्त है। इसके कारण उनके ठेकेदार को टमिनेशन के लिए नोटिस दिया गया है। कार्रवाई मुख्यालय से होना है।
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एनएच मरम्मत को लेकर ठेकेदार की ओर से लापरवाही बरती गई। ठेकेदार को टर्मिनेशन के लिए नोटिस दिया गया है और रिपोर्ट विभाग के मुख्यालय को भेज दिया गया है। मुख्यालय के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- वाईपी सिंह, तकनीकी प्रबंधक, एनएचएआई, आजमगढ़।