बलिया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने नकली अंकपत्र तैयार कर सेवायोजन प्राप्त करने वाले शिक्षक का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। उन्होंने संबंधित विद्यालय के प्रबंधक व प्रधानाचार्य से मृतक आश्रित कोटे के अंतर्गत नियुक्ति के लिए इस कार्यालय को संदर्भित की गई मूल पत्रावली सहित आख्या एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराने को भी कहा है। दोकटी वाजिदपुर गांव निवासी संजय कुमार सिंह पुत्र रणविजय सिंह ने 24 फरवरी को शिक्षा निदेशक माध्यमिक को शिकायती पत्र देकर बताया था कि विश्वनाथ तिवारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नीरुपुर के सहायक अध्यापक कला ब्रजेश कुमार पांडेय ने कूट रचित अंकपत्र पर सेवायोजन प्राप्त किया है।
शिक्षा निदेशक ने मामले की जांच कराई जिसमें पाया गया कि इंटरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2005 अनुक्रमांक 1228062 व्यक्तिगत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नीरुपुर सारणीयन पंजिका में विषय उर्दू व परीक्षा फल अनुपस्थित घोषित किया गया है। सारणीयन पंजिका संस्था के प्रधानाचार्य द्वारा 28 नवंबर 20 को प्रमाणित किया गया है। उक्त अंकपत्र को माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर ऑनलाइन सत्यापन करने पर भी इंटरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2005 अनुक्रमांक 1228062 व्यक्तिगत विषय उर्दू एवं परीक्षा फल अनुपस्थित घोषित मिला। इससे साफ है कि ब्रजेश कुमार पांडेय ने सहायक अध्यापक द्वारा इंटरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2005 अनुक्रमांक 1228062 पर ही प्राविधिक कला का फर्जी व कूटरचित अंकपत्र तैयार कर सेवायोजन प्राप्त किया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ बृजेश मिश्रा ने विश्वनाथ तिवारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नीरुपुर के प्रबंधक और प्रधानाचार्य से नियुक्ति से संबंधित मूल पत्रावली व आख्या एक सप्ताह में देने को कहा है।