बलिया। विश्व क्षय रोग दिवस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में बुधवार को गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें वर्ष 2025 तक टीबी रोग को देश से उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि टीबी लाइलाज बीमारी नहीं है। वर्तमान में मेडिकल साइंस ने बहुत तरक्की की है। जनपद में टीबी के मरीजों का बेहतर इलाज सरकारी चिकित्सालय में किया जा रहा है। लेकिन सबसे खास यह है कि मरीज को अपना संपूर्ण इलाज कराना होगा। यदि एक भी दिन वह दवा खाने से चूकता है तो यह नुकसानदेह साबित हो सकता है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आनंद कुमार ने कहा कि दो हफ्ते से खांसी और बुखार आना टीबी रोग के प्रमुख लक्षण हैं। इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। वहीं जिन्हें दो हफ्ते से अधिक खांसी आ रही हो या खांसने पर बलगम के साथ खून आ रहा हो तो उन्हें तत्काल जिला टीबी चिकित्सालय में अपने बलगम की जांच करानी चाहिए। उन्होंने बताया कि समय से रोग का पता चल जाने से टीबी को ठीक किया जा सकता है। बताया कि यदि कोई मरीज किसी वजह से बाहर जाता है तो संबंधित चिकित्सालय से कार्ड लेकर रेफर बनवा लें, ताकि कहीं भी जाने पर उसे दवाएं उपलब्ध हो सके। इस मौके पर सुशील कुमार ओझा, आशीष सिंह, विवेक सिंह आदि रहे।