“खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तकदीर से पहले खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रजा क्या है” कवि मुहम्मद इकबाल की लाइने बलिया के सुनील सिंह पर अक्षरश: सटीक बैठती हैं। तभी तो सुनील ने परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होते हुए भी अपने सपनों का गला नहीं घोटा और जिद को पूरा किया। यूपी पीसीएस में सफलता हासिल की और हुए नायब तहसीलदार बने। बुधवार को परिणाम जारी होते ही परिजनों में खुशी का माहौल है।
सुनील सिंह बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र के पियरौटा गांव के निवासी हैं। इन्होंने प्राथमिक शिक्षा पियरौटा गांव से की। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट जनता जनार्दन इण्टर कालेज, गाजीपुर से किया। बीए इलाहाबाद विश्वविद्यालय से किया। एमए इग्नू और आपदा प्रबंधन में डिप्लोमा किया। जीवन संघर्षों से भरा है।
सुनील की माता सुबसिनी सिंह गृहणी हैं और पिता यूपी हैंडलूम में काम करते थे कुछ समय पहले ही मानसिक रूप से बीमार हो गए। 2012 में इनके परिवार को चाचा द्वारा घर से बाहर निकाल दिया गया। दिल्ली में सुनील सिंह अपने पिता की सेवा कर रहे थे।