लालगंज। एक तरफ सरकार अधिक से अधिक कोविड का टीका लगाने का दबाव बना रही है तो दूसरी तरफ क्षेत्र के पीएचसी मुरलीछपरा पर कर्मचारियों का टोटा है। कुल 40 कर्मचारियों के सापेक्ष मात्र 12 कर्मचारी नियुक्त है। पहले ही आम जनता को परेशानियां झेलनी पड़ रही और बरसात के दिनों में डेंगू ,चिकनगुनिया और वायरल बुखार के सीजन के साथ ही कोविड टीकाकरण का दौर है। कर्मचारियों को अस्पताल देखना और गांवों में कैंप लगाकर अधिक से अधिक टीका कराना टेढ़ी खीर साबित हो रही है।
पीएचसी मुरली छपरा पर मानक के अनुसार, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर, सहायक शोध अधिकारी, प्रतिरक्षण अधिकारी, हेल्थ शिक्षा अधिकारी, हेल्थ सुपरवाइजर, बेसिक हेल्थ वर्कर के कुल 14 पद के सापेक्ष एक भी नियुक्ति नहीं है। वहीं, एएनएम के 23 पद के सापेक्ष मात्र नौ एएनएम नियुक्त है। स्टाफ नर्स की तैनाती तीन के सापेक्ष मात्र एक स्टाफ नर्स है।
इस बाबत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर देवनीति सिंह ने बताया कि स्टाफ की संख्या कम होने के बावजूद करीब पूरे ब्लाक में पैंतीस हजार लोगों को कोविड का टीका लगाया जा चुका है। यदि स्टाफ की संख्या अधिक होती तो यह संख्या और बढ़ गई होती। बताया कि पदों को भरने की मांग सीएमओ से की गई है।