बलिया लोकसभा के सांसद सनातन पांडेय ने नमामि गंगे परियोजना पर हुए खर्च का मुद्दा उठाया और कहा कि इतने खर्च के बाद भी जल साफ न हुआ और बजट खर्च हो गया लिहाजा इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
लोकसभा सांसद सनातन पांडेय ने बुधवार को सदन में नमामि गंगे परियोजना पर हुए खर्च और उसके बात भी गंगा जल के स्वच्छ व साफ नहीं होने पर सवाल उठाया और खर्च हुए बजट की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। सदन में बोलते हुए सपा सांसद ने कहा कि दस वर्ष गंगा नदी के जल को निर्मल करने के लिए नमामि गंगे योजना की शुरुआत की गई थी। उद्देश्य था कि गंगा के दूषित हो रहे जल को साफ किया जाए।
विज्ञापन
इसके लिए योजना के तहत भरी-भरकम राशि भी व्यय की गई, लेकिन बलिया समेत, गाजीपुर, वाराणसी, प्रयागराज और कानपुर जैसे जिलों में आज भी गंगा जल स्वच्छ नहीं हो सका हैं। उन्होंने पीठासीन जगदंबिका पाल के सक्षम गंगा के जल को स्वच्छ करने के लिए खर्च की गई धनराशि का केंद्र की उच्चस्तरीय कमेटी से जांच कराने की मांग की। ताकि यह तथ्य सामने आ सकें कि सरकार द्वारा आवंटित धनराशि का णरातल पर उपयोग हुआ कि नहीं।
हालांकि सपा सांसद सदन में यूपी में दुग्ध उत्पादन का मुद्दा उठा रहे थे। इस पर उन्हें पीठासीन जगदंबिका पाल ने टोका कि अपने मामला नमामि गंगे का दिया है, इसके बाद उन्होंने नमामि गंगे पर बोलना शुरू किया।