ब्लैक स्पाॅटों का नहीं हुआ इलाज, हादसे में जान गंवा रहे लोग
-राष्ट्रीय राजमार्ग व स्टेट हाईवे पर खतरनाक मोड़ पर संकेतक भी गायब
संवाद न्यूज एजेंसी
बलिया। जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कई मार्गों पर ब्लैक स्पाॅट चिह्नित किए गए हैं। इसमें गाजीपुर से मांझी तक राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर नरही, लखनऊवा मोड़, फेफना चिरइयामोड़, पियरिया, बंशीबाजार, रामगढ़, हल्दी सहित कई स्थान शामिल हैं। अधिकतर जगहों पर संकेतक बोर्ड दूर से दिखाई नहीं देते हैं। जनवरी माह में अब तक 18 सड़क हादसों में 12 लोगों की मौत हो चुकी है।
ठंड में कोहरे का समय चल रहा है। इसके बाद भी सड़क किनारे की सफेद पट्टी और जेब्रा क्राॅसिंग का निशान ठीक नहीं करवाया गया। कई जगह झाड़ियों के ढंक गए हैं तो कई पर धूल जमा हो गया है। इसके कारण चालकों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जनवरी में अब तक 18 सड़क हादसों में 12 लोगों की जान चली गई। वहीं, हादसे में 18 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
जिले में 43 ब्लैक स्पाॅट चिह्नित किए गए हैं। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ब्लैक स्पाॅटों के इलाज के लिए संबंधित विभाग को लगाया जाता है, लेकिन केवल कागजी कोरम पूरा किया जा रहा है। धरातल पर कोई कार्य नहीं होने से हादसों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। सरकार हादसे कम करने के लिए लगातार सार्थक पहल कर रही है। इसके बाद भी धरातल पर कोई कार्य नहीं हो रहा है। बलिया-सिकंदरपुर मार्ग पर खड़सरा मोड़ पर किसी तरह का कोई सांकेतिक चिह्न तक नहीं लगा है।
कोहरे का दौर शुरू हो गया है, लेकिन जिले में ब्लैक स्पाॅटों का इलाज नहीं होने से हादसे में लोग जान गंवा रहे हैं। सड़क सुरक्षा समिति में हादसों की जगहों की मरम्मत के लिए चर्चाएं होती है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हो रहा है। हालत यह है कि सफेद पट्टी के साथ सांकेतिक चिह्न भी गायब है।
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सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हुए निर्णय का पालन संबंधित विभागों की तरफ से किया जा रहा है। पुलिस लोगों के बीच जागरूकता अभियान चल रही है। हादसों के कारणों की जांच कर उसे दूर करने के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिखा जाता है। -समद खां, टीएसआई, यातायात पुलिस।
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