गोंड छात्र संघर्ष समिति और गोंड समुदाय के लोगों का अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र की मांग को लेकर तहसील परिसर में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना बृहस्पतिवार को चौथे दिन एसडीएम के लिखित आश्वासन के बाद स्थगित हो गया।
एसडीएम अभय सिंह ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार उचित जांच पड़ताल के बाद गोंड समाज के लोगों को अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र सुगमता पूर्वक जारी करने के लिए बैरिया तहसीलदार को पत्र जारी कर दिया गया है। उसकी एक कॉपी उप जिलाधिकारी ने गोंड छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अजीत गोंड को भी धरना स्थल पर उपलब्ध कराया। वार्ता के क्रम में गोंड समुदाय के लोगों ने कहा कि जब हम ऑनलाइन जाति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करते हैं तो उसमें सिर्फ साक्ष्य के अभाव में लिखकर प्रमाणपत्र नहीं दिया जाता। उपजिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अगर किसी लेखपाल या कानूनगो की रिपोर्ट में यदि सिर्फ इतना ही शब्द आता है कि साक्ष्य के अभाव में तो ऐसे लोग दंडित किए जाएंगे। आवेदन आने पर मौके पर पहुंचकर जांच की जाएगी और गोंड समाज के लोगों से कहें कि जो साक्ष्य मांगा जाता है, वह आप लोग उपलब्ध कराएं। रिपोर्ट में यदि गलत तरीका अपनाया जाता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उपजिलाधिकारी के इस कथन का धरनारत गोंड समाज के लोगों ने तालियां बजाकर स्वागत किया। एसडीएम ने सब व्यवस्था ठीक करने के लिए दो-चार दिन का मौका मांगा और धरना समाप्त करने का अनुरोध किया। मौके पर किशुन बिहारी गोंड, बच्चा लाल गोंड, अजीत कुमार गोंड, धीरज गोंड, उमेश गोंड, दिनेश गोंड़, विनोद गोंड, पिंटू, संजीत, पंकज, गौरव, पारसनाथ गोंड, डॉ विजय बहादुर गोंड, डॉक्टर सूचित गोंड, अरुण गोंड आदि रहे।