बलिया। अब छात्रों को छात्रवृत्ति फॉर्म भरने के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी। शासन ने पूर्व के नियमों में एक बार फिर बदलाव किया है। अब वही छात्र आवेदन कर पाएंगे जिनके आधार का ब्योरा व शैक्षणिक ब्योरा एक तरह का होगा। इस नियम से छात्रवृत्ति में गोलमाल करना आसान नहीं होगा।
प्रदेश में पूर्व दशमोत्तर व दशमोत्तर कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को सरकार की ओर से छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति देने का प्रावधान किया गया है। अलग-अलग कक्षाओं के लिए मिलने वाली छात्रवृत्ति की धनराशि भी अलग-अलग निर्धारित की गई है। बताया जाता है कि छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति के नाम पर स्कूलों की ओर से बड़े पैमाने पर घपला किया जाता है। इस पर प्रदेश सरकार ने 2013 में ऑनलाइन प्रकिया शुरु की। हालांकि इसके बाद भी अनियमिता सामने आने पर इसमें बदलाव कर सर्वर से यूपी बोर्ड से जोड़ा गया और प्रावधान किया गया कि हाईस्कूल का रोल नंबर सत्यापन होने के बाद ही छात्र आवेदन कर सकेंगे। 2017 में एक बार फिर इसमें बदलाव किया गया कि छात्र आवेदन करेंगे और उनका ब्योरा सत्यापन होने के बाद आवेदन की प्रकिया को पूरी करेंगे। अब एक बार इसमें बदलाव किया गया है। इसके तहत अब आधार कार्ड के अनुसार ब्योरा सही पाए जाने पर ही छात्र आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए छात्रवृत्ति के सर्वर को यूआईडीएआई सर्वर से जोड़ा गया है। इसके तहत छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने के बाद आवेदन में भरे गए ब्योरा का सत्यापन यह सर्वर करेगा और संबंधित छात्र का ब्योरा नाम, पिता या पति का नाम, उम्र, लिंग, जन्मतिथि आदि शैक्षणिक प्रमाण पत्र व आधार कार्ड में एक जैसा होने पर ही आवेदन किया जा सकेगा। अपर उपजिलाधिकारी व प्रभारी जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी संत कुमार ने बताया कि शासन की ओर से छात्रवृत्ति के लिए यूआईडीएआई से मिलान के बाद आवेदन करने की व्यवस्था की जा रही है। ऐसे में छात्रों को शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के अनुसार आधार कार्ड में कोई कमी होने पर संशोधन करा लेेना जरुरी है।